नही की जा रही है ईपोस मशीन का उपयोग।
राहुल दास
हिरणपुर (पाकुड़): एक ओर मानसून की कमी को लेकर कृषको में बैचेनी छाई हुई है , वही अनुज्ञप्तिधारी बिक्रेताओं द्वारा कृषको को ऊंचे दामो पर रसायनिक खाद बेची जा रही है। जहां विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए ईपोस मशीन का उपयोग भी नही किया जा रहा है। प्रखंड में करीब 32 अनुज्ञप्तिधारी खाद दुकान संचालित है। जहां इफको द्वारा रसायनिक यूरिया व डीएपी खाद कृषको के बीच वितरण को लेकर उपलब्ध कराया गया है। कृषि विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार यूरिया 50 किलो की बैग सरकारी मूल्य 266 रुपये निर्धारित की गई है। वही 50 किलो वजन के डीएपी पैकेट की मूल्य 1650 रुपये रखी गई है।पर क्षेत्र के कृषको से बिक्रेताओं द्वारा रसायनिक खाद की मनमाना मूल्य वसूला जा रहा है। शुक्रवार को हाथिगड के कृषक सोम सोरेन , चौकीधाप के बबलू हेम्ब्रम , चाँदलाल टुडू आदि रसायनिक खाद क्रय कर ले जाया जा रहा था। कृषको से जानकारी मांगने पर बताया कि यूरिया 50 किलो की 380 रुपये व डीएपी 1800 रुपये ली गई। वही ईपोस मशीन से न ऑनलाइन की गई न पर्ची ही दी गई। हैरत की बात यह है कि सभी अनुज्ञप्तिधारी दुकानदारों को ईपोस मशीन उपलब्ध कराया गया है , पर अधिकांश दुकानों में इसका उपयोग नही किया जा रहा है। मशीन खराब रहने की बहाना बनाकर दुकानदार पर्ची नही दे रहा है। नाम न छापने की शर्त पर कई दुकानदारों ने बताया कि देवघर स्थित इफको एजेंसी से ही हमे निर्धारित मूल्य से ज्यादा राशि ली जा रही है , इसलिए हम विवश है। उधर ग्रामीण क्षेत्रो में स्थिति तो ओर गम्भीर है। जहां मनमाना मूल्य कृषको से वसूला जा रहा है। वही डीएपी के खाद की बोरी में अंकित मूल्य को लेकर भी संशय बना हुआ है। उधर विभागीय रूप से अभी तक दुकानों की अनुश्रवण नही की गई है। जिससे दुकानदारों का मनोबल बढ़ा हुआ है। वही दुकानों में मूल्य तालिका भी नही है।इस सम्बन्ध में जिला कृषि पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार से सम्पर्क करने पर बताया कि जल्द ही इसकी जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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