अभिभावकों ने डीईओ को आवेदन देकर चुनाव परिणाम पर रोक लगाने और पुनर्मतदान की मांग की।
पाकुड़। उत्क्रमित विद्यालय रणडांगा में 29 अगस्त को हुए विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के पुनर्गठन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को आवेदन देकर चुनाव प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप लगाया है। अभिभावकों ने चुनाव परिणाम पर तत्काल रोक लगाने तथा पात्र अभिभावकों को मतदान का अवसर देते हुए निष्पक्ष तरीके से पुनः चुनाव कराने की मांग की है।अभिभावकों के अनुसार, जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के पत्रांक 678 के आलोक में प्राथमिक विद्यालय रणडांगा में एसएमसी का पुनर्गठन किया जाना था। 29 अगस्त को संबंधित शिक्षकों और पर्यवेक्षक कैलाश प्रसाद भगत की मौजूदगी में मतदान प्रक्रिया शुरू हुई। आरोप है कि करीब दो बजे पर्यवेक्षक विद्यालय से चले गए और शिक्षकों के फोन करने पर वापस आए। इसके बाद लगभग 2:15 बजे निर्धारित समय समाप्त होने की बात कहते हुए मतदान समाप्त करने की घोषणा कर दी गई। अभिभावकों का कहना है कि उस समय भी विद्यालय के उत्तर और पश्चिमी द्वार के बाहर बड़ी संख्या में अभिभावक मतदान के लिए मौजूद थे। उन्होंने मतदान का अवसर देने का अनुरोध किया, लेकिन सहमति नहीं बनी। इसके बाद उम्मीदवारों को परिस्थितिवश मतदान समाप्त करने पर सहमति देनी पड़ी। अभिभावकों ने इस पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठाया है।
मतगणना में 337 मतपत्र, उपस्थिति रजिस्टर में 331 प्रविष्टियां
अभिभावकों के आवेदन के अनुसार मतगणना में हबीबुर शेख को 117, सफीकुल शेख को 113, एजाबुल शेख को 9 और सबरुल शेख को 98 मत मिले। इस तरह कुल 337 मतपत्र होने की बात सामने आई। वहीं, अभिभावक हस्ताक्षर/उपस्थिति रजिस्टर का मिलान करने पर प्रविष्टियां 331 तक होने का दावा किया गया है। इस आधार पर छह मतों का अंतर बताया गया है। अभिभावकों ने कहा कि मतदान समाप्ति के समय विद्यालय के बाहर मौजूद अभिभावकों को मतदान का अवसर नहीं मिलना, पर्यवेक्षक के कुछ समय के लिए विद्यालय से चले जाना और मतपत्रों तथा उपस्थिति रजिस्टर में कथित अंतर जैसी परिस्थितियां चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
प्रधानाध्यापक ने भी विसंगति को लेकर दिया आवेदन
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्राथमिक विद्यालय रणडांगा के प्रधानाध्यापक द्वारा भी मतपत्रों और अभिभावक हस्ताक्षर/उपस्थिति रजिस्टर के बीच कथित विसंगति को लेकर विभागीय कार्यालय में आवेदन दिया गया है। अभिभावकों ने डीईओ से 29 अगस्त को हुए एसएमसी चुनाव के परिणाम पर तत्काल रोक लगाने, विवादित परिणाम के आधार पर आगे की प्रक्रिया नहीं करने तथा सभी पात्र अभिभावकों को मतदान का उचित अवसर देते हुए पुनः निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव कराने की मांग की है। साथ ही पुनर्मतदान के दौरान पर्याप्त प्रशासनिक निगरानी और निष्पक्ष पर्यवेक्षक की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।






