2020 से नहीं मिली पीएम किसान योजना की राशि, राज्य स्तर पर अटका आवेदन; सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर किसान।
इकबाल हुसैन
पाकुड़। सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए आखिर एक किसान को कितने साल इंतजार करना पड़ेगा? महेशपुर प्रखंड के चंडालमारा गांव निवासी गणेश मंडल की परेशानी सरकारी व्यवस्था पर यही सवाल खड़ा कर रही है। वर्ष 2020 से पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ पाने के लिए भटक रहे गणेश मंडल का आवेदन जिला स्तर पर स्वीकृत हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद राज्य स्तर पर मामला लंबित है। मामले का खुलासा जिला समाहरणालय की राजस्व शाखा से जारी पत्रांक 225/रा० से हुआ है। योजना का लाभ नहीं मिलने पर किसान ने जिला जन शिकायत कोषांग में आवेदन देकर गुहार लगाई थी। इसके बाद अपर समाहर्ता ने जांच के उपरांत संबंधित पदाधिकारी को पत्र भेजकर बताया कि जिला स्तर से आवेदन को स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन राज्य स्तर पर अब भी लंबित है।

पांच साल से सिर्फ आश्वासन
पीड़ित किसान गणेश मंडल का कहना है कि वे पिछले पांच वर्षों से योजना का लाभ पाने के लिए लगातार दौड़ लगा रहे हैं। कई बार संबंधित कार्यालयों का चक्कर काटने के बावजूद उन्हें राशि नहीं मिली। जिला स्तर पर मंजूरी मिलने के बाद भी भुगतान नहीं होना उनकी परेशानी बढ़ा रहा है। अब सवाल यह है कि जब जिला प्रशासन की जांच में आवेदन स्वीकृत हो चुका है, तो राज्य स्तर पर इसे लंबित रखने की वजह क्या है? आखिर कब तक एक किसान अपने ही हक के लिए दफ्तरों की दौड़ लगाता रहेगा? पांच साल से लंबित इस मामले में अब किसान को आश्वासन नहीं, बल्कि योजना का वास्तविक लाभ मिलने का इंतजार है।

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