आदिवासी छात्रा के साथ हुई घटना पर आक्रोश, आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और स्पीडी ट्रायल की उठी मांग
पाकुड़। दुमका जिले के काठीकुंड थाना क्षेत्र में नौवीं कक्षा की नाबालिग आदिवासी छात्रा रोजमेरी हेम्ब्रम के साथ हुई जघन्य घटना के विरोध में मंगलवार को छात्र संगठनों ने कैंडल मार्च निकालकर न्याय की मांग की। छात्र-छात्राओं ने घटना पर गहरा आक्रोश जताते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की। कैंडल मार्च रवींद्रनाथ मोड़ से शुरू होकर डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक होते हुए सिदो-कानू पार्क पहुंचा। यहां छात्रों ने दिवंगत छात्रा को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। मार्च के दौरान छात्रों ने घटना के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की।
सरकार और प्रशासन के प्रति जताया आक्रोश।
छात्र नेता कमल मुर्मू ने घटना पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड में आदिवासी मुख्यमंत्री होने और संथाल परगना जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं होना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब संथाल परगना में ही बहू-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोग सुरक्षा की उम्मीद किससे करें और न्याय के लिए कहां जाएं?
छात्र संगठनों ने पुलिस प्रशासन से घटना में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। साथ ही मामले की सुनवाई स्पीडी ट्रायल के तहत कराते हुए दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा देने की अपील की। छात्रों का कहना था कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह के अपराध को अंजाम देने का साहस न कर सके। कैंडल मार्च के माध्यम से छात्रों ने स्पष्ट संदेश दिया कि रोजमेरी हेम्ब्रम को न्याय दिलाने और महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कार्रवाई जरूरी है।








