70 परिवारों की अनदेखी से फूटा गुस्सा, दुमका-पाकुड़ मुख्य पथ जाम; खेतों की मेढ़ से स्कूल जाते हैं बच्चे।
अमर भगत
अमड़ापाड़ा/पाकुड़ । सड़क की आस में दशकों से इंतजार कर रहे लांडगंजो टोला के ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। बोहड़ा पंचायत के सिझवा गांव स्थित टोला में सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शहरघाटी के पास दुमका-पाकुड़ मुख्य पथ को सुबह 10:30 बजे जाम कर दिया। करीब पांच घंटे तक चले जाम से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। ग्रामीणों के अनुसार, टोले में करीब 70 परिवार रहते हैं, लेकिन आजादी के बाद से अब तक सड़क नहीं बनी। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को होती है, जिन्हें प्राथमिक विद्यालय जाने के लिए खेतों की मेढ़ से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के लिए कई बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्या की अनदेखी की गई।
ग्रामीणों ने बताया कि 22 अगस्त 2025 को बीडीओ, 7 मार्च 2026 को उपायुक्त और 8 मार्च 2026 को लिट्टीपाड़ा विधायक को लिखित आवेदन देकर सड़क निर्माण की मांग की गई थी। इसके बावजूद कोई ठोस पहल नहीं हुई। जाम की सूचना पर झामुमो के अमड़ापाड़ा प्रखंड संगठन सचिव रंजीत कुमार पंडित ने पहल की। इसके बाद बीडीओ प्रमोद कुमार गुप्ता और सीओ औसाफ अहमद खां मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समस्या के समाधान की दिशा में पहल करने का आश्वासन दिया। इसके बाद दोपहर करीब 3:30 बजे जाम हटाया गया। अधिकारियों ने लांडगंजो टोला पहुंचकर रास्ते की स्थिति का जायजा भी लिया।
अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। वर्षों से सड़क की बाट जोह रहे लोगों को आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार है।








