दो लाख के बजट पर दी सफाई, कहा- टूर्नामेंट, अंपायरों के भुगतान और मैदान के रखरखाव में खर्च होती है राशि।
पाकुड़ जिला क्रिकेट संघ की कार्यप्रणाली को लेकर उठे सवालों के बीच संघ के सचिव प्रणय तिवारी ने प्रेस वार्ता कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने वित्तीय अनियमितता, खिलाड़ियों से रजिस्ट्रेशन शुल्क वसूली और चयन में भेदभाव जैसे आरोपों को बेबुनियाद बताया। सचिव के अनुसार, रांची में भारत-वेस्टइंडीज टी-20 मुकाबले के लिए मिले चार पास को लेकर विवाद शुरू हुआ, जिसके बाद संघ के कामकाज पर सवाल उठाए जाने लगे।
प्रणय तिवारी ने दो लाख रुपये की वार्षिक राशि के इस्तेमाल पर सफाई देते हुए कहा कि इस राशि से क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित कराने, अंपायरों का भुगतान करने, खेल सामग्री की व्यवस्था और मैदान का रखरखाव जैसे जरूरी कार्य किए जाते हैं। सीमित बजट में संघ को कई गतिविधियों का संचालन करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पास से जुड़े विवाद के बाद विभिन्न मुद्दों को जोड़कर संघ की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
पूर्व क्रिकेटरों ने उठाए सवाल।
दूसरी ओर, पूर्व क्रिकेटर अर्जुन सिंह ने संघ के वित्तीय हिसाब-किताब और सदस्यता प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि खिलाड़ियों से रजिस्ट्रेशन के नाम पर 200 रुपये तक लिए जाते हैं, लेकिन रसीद नहीं दी जाती। उन्होंने पिछले एजीएम और फंड के इस्तेमाल की जांच कराने तथा मौजूदा कमेटी को भंग कर नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है। युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष बिलाल शेख ने भी खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने निष्पक्ष चुनाव के माध्यम से नई कमेटी गठित करने की मांग की। हालांकि सचिव ने सभी आरोपों को निराधार बताया है, जबकि आरोप लगाने वाले पक्ष ने जिला प्रशासन और झारखंड राज्य क्रिकेट संघ से जांच की मांग की है।








