हेमंत हांसदा
पाकुड़िया प्रखंड क अंतर्गत जोंका गांव में प्रकृति का पर्व बाहापर्व हर्षोल्लास के साथ सोमवार से शुरू हो गया,बाहा का शाब्दिक अर्थ फुल होता है अर्थात फूलों का पर्व। गांव के नायके बाबा (पुरोहित) जयसेन बेसरा ने जाहेरथान में अपने ईष्ट देवी- देवता जाहेर आयो,मारांग बुरू, मोड़ें कु तुरूय कु की पूजा अर्चना किया गया तथा ईष्ट देवी देवताओं को सखुवा व महुआ के फूल और पारंपरिक सामग्री का अर्पण कर गांव की सुख शांति व समृद्धि के लिए कामना किया गया। पूजा उपासना के बाद घर घर नायके बाबा को पैर धोकर सखुवा के फुल ग्रहण किए गए। गांव के महिला,पुरूष बच्चे शुद्ध पानी एक दूसरे के शरीर पर डाल कर बाहा पर्व की खुशियां मनाते हैं। इस अवसर पर गांव के प्रमाणिक विनोद मरांडी,जोग मांझी चुण्डा मुर्मू,कुडाम नायकी परमेश्वर हेम्ब्रम आदि उपस्थित।









