बजरंग पंडित
पाकुड़। मिजिल्स रूबेला टीकाकरण अभियान के सफलता को लेकर गुरुवार को देर शाम सिविल सर्जन मंटू कुमार टेवड़ीवाल की अध्यक्षता में मिजिल्स रूबेला टीकाकरण अभियान को लेकर निजी विद्यालयों एवं सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के साथ ऑनलाइन विशेष बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति हेतु विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से अपेक्षित सहयोग करने की अपील की गई। इस संबंध में सिविल सर्जन पाकुड़ ने कहा कि पाकुड़ जिले में मिजिल्स रूबेला टीकाकरण अभियान का शुभारंभ 12 अप्रैल से कर दिया गया है।आपके प्रयास से समाज के हर तबके के लोगों को जोड़ते हुए 9 माह से 15 वर्ष के शत-प्रतिशत बच्चों को मिजिल्स रूबेला के टीके से आच्छादित किया जा सके ऐसी आशा है। सिविल सर्जन ने बताया कि पाकुड़ जिला अंतर्गत 3 लाख 34 हजार बच्चों को मिजिल्स रूबेला का टीका दिया जाएगा। इसको लेकर पूर्व से माईक्रो प्लान तैयार किया गया है। शहरी क्षेत्र अंतर्गत सभी संचालित सभी सरकारी विद्यालय, निजी विद्यालय, प्ले स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्रो में लक्षित समूह के लिए टीकाकरण सत्र का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें आपकी सहयोग अपेक्षित है। वहीं डब्ल्यूएचओ के डॉ शिरीष ने बताया कि रूबेला खसरा एक खतरनाक बीमारी है। इसके होने से बच्चों में खतरा बढ़ जाता है। बच्चे के शरीर में लाला दाने दाने सा होता है और इसकी वायरस तेजी से फैलता है। पाकुर जिला में यह प्रभावित है। इससे बचने के लिए मिजिल्स एमआर टीका लगाना नितांत आवश्यक है। सभी बच्चों को टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे को खाली पेट में टीका नहीं देना है। सभी बच्चे टीका लेने के पूर्व भरपेट खाना खाएंगे। टीका देने के लिए बच्चों को एक वेटिंग रूम ,एक विश्राम कक्ष तथा एक अलग से वैक्सीनेशन कक्ष की व्यवस्था करनी होगी। सभी कमरे साफ सुथरा होना चाहिए। वही जिला शिक्षा पदाधिकारी श्रीमती रजनी देवी ने कहां की सरकार के इस नेक काम में हम सब साथ हैं और पूरी प्रयास रहेगी कि हमारी लक्ष्य प्राप्ति हो। बच्चे अगर स्वस्थ रहेंगे तो पढ़ेंगे और स्वस्थ रखने के लिए ही टीकाकरण जरूरी हे।सभी अभिभावक अपने बच्चों टीका वाले दिन अवश्य भेजें ताकि एमआर का टीका लगाया जा सके। ऑनलाइन वार्ता में सिविल सर्जन एम के टेबड़ीवाल, डॉ शिरीष कुमार जिला शिक्षा पदाधिकारी श्रीमती रजनी देवी, जिला शिक्षा अधीक्षक , तथा निजी एवं सरकारी विद्यालयों के संचालक एवं प्राचार्य तथा अन्य उपस्थित थे।





