Search

March 11, 2026 10:51 am

साइबेरियन पक्षी की चहचाहाहट से गूंज उठा पूरा पाकुड़िया

अब्दुल अंसारी

पाकुड़िया प्रखंड के खजुरचुआं गांव में मानसून का संदेश लेकर सात समुंदर पार साइबेरियन पक्षी पहुंचे ग्रामीणों में खुशी का माहौल देखने को मिला परिंदे किसी सरहद के मोहताज नहीं होते, उन्हें तो बस उड़ान भरनी होती है ये आजाद पंछी कहीं भी किसी भी मुल्क में अपना आशियाना बना लेते हैं इन दिनों मानसून आते ही दूसरे देशों से विदेशी पक्षियों का आना शुरू हो गया है झारखंड राज्य पाकुड़ जिले के पाकुड़िया प्रखंड में खजुरचुआं एक ऐसा गांव है जहां साइबेरियन पक्षियों का आना हर साल होता है पक्षी कहां से आते है और कहां जाते है, गांव वालों को भी नहीं पता, लेकिन गांव वालों का मानना है कि मानसून शुरू होने से 15 दिन पहले यह पक्षी गांव के पेड़ों में आकर अपना बसेरा बना लेते है।बता दें कि गांव वालों को मानना है कि इनके आने से हमेशा मानसून अच्छी होती है और गांव में तरह किसी तरह हानि नहीं होती है।ये पक्षी हर साल जून के महीने में इस क्षेत्र के खजुरचुआं गांव में पहुंच जाते है।चार महीने यहां रहने के बाद यहां से चले जाते हैं गांव वालों ने बताया कि ये पक्षी मानसून के आगमन के 10-15 दिन पहले आते है,जो मानसून के आगमन के सूचक है सात समंदर पार से आते हैं मेहमान सात समंदर पार कर आने वाले आकाशीय मेहमानों ने गांव में डेरा डाल दिया है।लगभग एक महीने की लंबी यात्रा कर यहां पहुंचे साइबेरियन पक्षियों के चलते तालाब और हाफ नदी के तटों का नजारा बदल गया है।एक ओर जहां खुशनुमा मौसम के कारण गांव में रहने वाले लोगों में खुशी का माहौल है. वहीं विदेशी मेहमानों की मौजूदगी गांव की खुबसूरती पर चार चांद लगा रही है।

Leave a Comment

लाइव क्रिकेट स्कोर