सतनाम सिंह
जल के बिना जीवन की कल्पना बेकार है: डीडीसी
पाकुड़: जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन के तहत पेयजल और स्वच्छता प्रमंडल की ओर से केकेएम कॉलेज सभागार मेें जिला स्तरीय एकदिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन डीडीसी मो० शाहिद अख्तर व कार्यपालक अभियंता राहुल श्रीवास्तव ने दीप जलाकर किया।कार्यक्रम में सभी सम्मानित अतिथियों का स्वागत पौधा देकर किया गया। पाकुड़ जिले भर में कुल 965 जल सहिया है। जिसमें से 550 जलसहियाओं ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया।मौके पर उप विकास आयुक्त ने जल जीवन मिशन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ कर हर घर को नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का अभियान-जल जीवन मिशन है।प्रत्येक घर में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना और सतत निरीक्षण करना है। मनरेगा के तहत जल संचयन को लेकर सोख्ता गड्ढा का निर्माण कराया गया है।रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का प्रयोग बढ़ाना होगा। जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2024 तक जिले के सभी ग्रामीण परिवारों को नल से जल मुहैया कराया जाना है।मिशन को सफल बनाने केलिए अभियान के प्रति समुदाय को जागरुक व राजी करना और संबंधित सरकारी विभागों से तालमेल अतिआवश्यक है।योजना के संचालन और रख-रखाव के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित कराना समुदाय की जिम्मेदारी होती है। जल संरक्षण के प्रति सजग होना एवं जल स्त्रोतों के आसपास की सफाई रखना पंचायत के समुदाय को सुनिश्चित करना होगा।उन्होंने जल सहिया की जवाबदेही की चर्चा करते हुए कहा कि जल जीवन मिशन योजना के संदेश को गांव में जन-जन तक पहुंचाना, जल स्त्रोत और जल के गुणवता की जांच कराने की जिम्मेदारी ग्राम सहिया की होती है। उन्होंने कहा कि जल के बिना जीवन की कल्पना बेकार है। इसलिए जल बचाना हम सभी का दायित्व है। हर घर को नल से जल पहुंचाने की योजना में जन सहभागिता जरूरी है। इसलिए सभी को मिलकर समन्वय के साथ कार्य करना है।वक्ताओं ने कहा कि जीवन में जल का काफी महत्व है। हमारी जिम्मेवारी है कि हम जल को बर्बाद होने से बचाएं। जल ना सिर्फ हमारे लिए उपयोगी है बल्कि हमारी अगली पीढ़ी के लिए भी आवश्यक है। कहा कि यह अभियान ग्राम पंचायत, ग्राम जल सहिया सहित आम लोगों के सहयोग के बगैर सफल नहीं हो सकता है।मिशन की सफलता के लिए विभागों में समन्वय जरूरी
कार्यपालक अभियंता राहुल श्रीवास्तव ने कहा कि जल जीवन मिशन की सफलता के लिए सभी संबंधित विभागों को आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करना आवश्यक होगा।









