हिरणपुर से जितेंद्र यादव की रिपोर्ट।
हिरणपुर प्रखंड अंतर्गत मंझलाडीह गांव में कूप के निर्माण में गड़बड़ झाला की कहानी सामने आ रही है, सरकार के द्वारा भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए बड़े बड़े वादे किए जाते है लेकिन धरातल पर कहानी कुछ और ही बयां करती है, सरकार के जिम्मेदार अधिकारी और बिचोलिया की मिलीभगत से सरकार को लाखो रूपया का नुकसान सहना पड़ता है और कुछ महीने बाद फिर से स्कीम निकलने की तैयारी में विभाग के कर्मचारी और बिचौलिया लग जाते है,कनीय अभियंता और बिचोलिया की सांठगांठ हो जाए तो वहां निर्माण कार्य का भगवान ही मालिक होता है, जिसका जिगता जागता उदाहरण हिरणपुर प्रखंड के मंझलाडीह पंचायत के फतेहपुर गांव से एक कूप का मामला प्रकाश में आया है जहां सिंचाई के नाम पर कूप निर्माण में जम कर लूट मची हुई है, और न ही सिंचाई कूप में सूचना पट है, कूप निर्माण में बालू की जगह डस्ट का उपयोग किया है कूप में घटिया किस्म का ईट का उपयोग किया है, कूप की गहराई भी कभी कम देखी जा रही हैं, यह सब कार्य पंचायत सचिव रोजगार सेवक तक की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता है।यही वजह है कि क्रियान्वित योजनाओं में बिना काम किए ही हो जाती है पैसों की निकासी,





