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April 25, 2026 8:38 am

बदलता मौसम का मिजाज और कम बारिश की वजह से किसानों ने बदले अपने खेती के तरीके।

 

सैकड़ों एकड़ जमीन में पहली बार सरसों की खेती कर गदगद है किसान।

सतनाम सिंह

पाकुड़िया प्रखंड के मेहनती किसानों ने इस वर्ष अपने खेतों में तेलहनी फसल सरसों की जम कर खेती की है । दरअसल असमय मानसून वर्षा (पानी) होने के कारण धान की फसल में हुए जबरदस्त नुकसान की भरपाई के मद्देनजर किसानों ने सैकड़ों एकड़ जमीन में पहली बार सरसों की खेती है । इस बाबत किसान मानिक राय , ओलिस टुडू , समाद शेख , नरेन्द्र मुर्मू , देबिधन हेम्ब्रम , अजित मंडल , हीरालाल राय , लालबाबू शेख सहित अन्य दर्जनों किसानों ने बताया कि उनके लिए खेती ही कमाई का एक मात्र जरिया है। हाल में धान की फसल में असमय मानसून वर्षा के कारण हम किसानों को काफी नुकसान हुआ है। जिसकी भरपाई को लेकर सक्षम किसानों ने इस बार सरसों की खेती की है। सरसों की खेती में भी कीड़ा लग रहा है जिसे ठीक करने के लिए दवाओं का छिड़काव करना पड़ता है । अगर सब कुछ ठीक रहा तो तैयार सरसों की फसल को बेचकर किसान धान की फसल में हुए नुकसान की कुछ भरपाई कर सकते हैं । कई प्रगतिशील किसानों ने झारखंड सरकार से भी किसानों का कृषि ऋण अविलम्ब माफ करने की गुहार लगाई है । किसानों ने कहा कि इस वर्ष धान की खेती में किसानों का अच्छा खासा नुकसान हो चुका है । जिस कारण पहले से ही गरीबी की मार झेल रहे किसान और कंगाल बन चुके हैं । उसपर भी किसान ऋण लेकर खेती की है । ऐसे में सरकार को बिना देरी किये सभी किसानों का कृषि ऋण माफ करने की दिशा में त्वरित निर्णय लेना चाहिये ताकि किसान कुछ हद तक राहत महसूस कर सकें ।

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