इकबाल हुसैन
महेशपुर प्रखंड के शहरग्राम पंचायत में जल सुरक्षा योजना को लेकर एक बैठक मुखिया के अध्यक्षता में की गई. वही जल सहिया रुकमनी देवी के द्वारा बताया कि पेयजल स्रोतों के जैविक प्रदूषण के जोखिम आकलन के लिए वर्ष में दो बार मानसून से पहले और मानसून के बाद स्वच्छता सर्वेक्षण किया जाता है. जिससे कि पेयजल स्रोतों में विभिन्न तरह के आकलन के पश्चात समेकित प्रतिवेदन कार्यालय को समर्पित की जाती है. जिससे कि पेयजल में जैविक प्रदूषण इत्यादि की जानकारी प्राप्त हो जाती है. मौके पर आंगनबाड़ी सेविका, सहिया सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे।





