पाकुड़। 1 मई को विश्व मजदूर दिवस के अवसर पर पाकुड़ प्रखंड के शहरकोल पंचायत भवन में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के सशक्तिकरण को लेकर एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम झालसा रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ के तत्वावधान में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडे के निर्देश तथा प्रभारी सचिव विशाल मांझी के मार्गदर्शन में किया गया। दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया, जिसमें डीएसपी जितेंद्र कुमार, श्रम अधीक्षक गिरीश चंद्र प्रसाद, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के सहायक अज़फर हुसैन विश्वास और गंगाराम टुडू, पंचायत मुखिया विकास गौड़ सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। डीएसपी जितेंद्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि हर मजदूर को सम्मानजनक कार्य और उचित मजदूरी पाने का कानूनी अधिकार है। उन्होंने बताया कि किसी भी समस्या की स्थिति में श्रमिक थाने या डायल 112 के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही बाल विवाह, डायन प्रथा और सड़क सुरक्षा जैसे सामाजिक मुद्दों पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के प्रतिनिधियों ने मजदूर दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन श्रमिकों के अधिकार, एकता और उनके योगदान के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने 1886 के शिकागो आंदोलन और हेमार्केट घटना का उल्लेख करते हुए मजदूर दिवस के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया। श्रम अधीक्षक गिरीश चंद्र प्रसाद ने असंगठित श्रमिकों के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। इनमें झारखंड असंगठित कर्मकार मृत्यु/दुर्घटना सहायता योजना, मातृत्व प्रसुविधा योजना, अंत्येष्टि सहायता योजना, कौशल उन्नयन योजना, मुख्यमंत्री औजार, साइकिल एवं सिलाई मशीन सहायता योजना सहित कई कल्याणकारी योजनाएं शामिल हैं। कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि एक सशक्त श्रमिक समाज के निर्माण के लिए बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। बाल विवाह पर रोक लगाने को सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए इसे मजबूत समाज की आधारशिला बताया गया।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैरा लीगल वॉलंटियर्स, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रमिक एवं ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन इंडियन नेशनल एसोसिएशन के अध्यक्ष जेड एच विश्वास ने किया।







