सावधान: आगे स्पीड ब्रेकर है
गढबाड़ी हाईस्कूल के सामने बड़े- बड़े स्पीड ब्रेकर दे रहा है, हादसों को दावत
एस कुमार
गाड़ियों की स्पीड को कम करने के लिए सड़कों पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाते हैं. लेकिन महेशपुर- सोनारपाड़ा मुख्य सड़क के गढबाड़ी स्कूल के समीप बनाए गए उटपटांग स्पीड ब्रेकर लोगों की परेशानी का सबब बन गई हैं. यहां दुर्घटना के बजाय सड़क दुर्घटना और बढ़ गई है. इस प्रकार के बड़े- बड़े स्पीड ब्रेकर मानकों के अनुकूल नहीं होते हैं, जिससे गाड़ी चलाने वाले या सवारियों को ही परेशानी का सामना करना होता हो, उससे टोटो से लेकर पैदल चलने वालों की भी परेशानी बढ़ जाती है.
क्या हैं स्पीड ब्रेकर बनाने के नियम
भारत में इंडियन रोड कांग्रेस (आईआरसी) की ओर से स्पीड ब्रेकर बनाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. आईआरसी की ओर से जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसी भी सड़क पर आदर्श स्पीड ब्रेकर की ऊंचाई 10 सेंटीमीटर, लंबाई 3.5 मीटर और वृत्ताकार क्षेत्र (कर्वेचर रेडियस) 17 मीटर होना चाहिए. इसके साथ ही, ड्राइवर को स्पीड ब्रेकर की जानकारी देने के लिए स्पीड ब्रेकर से करीब 40 मीटर पहले एक चेतावनी बोर्ड या साइन बोर्ड लगा होना चाहिए. साथ ही स्पीड ब्रेकर के दोनों ओर 2-2 मीटर का सलोप दी जानी चाहिए ताकि वाहन स्लो होकर बगैर झटका खाए निकल जाए.







