Search

April 26, 2026 1:33 pm

लोक आस्था का पर्व छठ उगते सूरज को अर्ध्य देने के साथ हुआ समापन।

अमर भगत

अमड़ापाड़ा में लोक आस्था के महापर्व छठ का समापन हो गया। छठ घाटों पर देर रात से ही भक्तों की भीड़ देखी गई। पीएचडी घाट, दुर्गामंदिर घाट, डुमरचिर घाट समेत अन्य छठ घाटों पर भारी संख्या में छठ व्रती सूर्योदय होने के साथ ही भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए तैयार खड़े मिले। छठ व्रती आधी रात के बाद से ही इकट्ठा हो गए और रात के अंधेरे में छठ घाट दीयों एवं सजावटी लाइटिंग की रोशनी से जगमगा रहे थे। उदीयमान सूर्य यानी उगते हुए सूरज को अर्घ्य देकर छठ व्रती अपने 36 घंटे के निर्जला उपवास को पूरा किया। इसी के साथ चार दिवसीय छठ पूजा का समापन हो गया। इससे पहले कल शाम में छठ व्रतियों ने डूबते हुए सूरज को अर्घ्य दिया था। सुबह से ही पानी में खड़े दिखे व्रती इसके साथ ही छठ घाटों के अलावे कई जगह सुबह से ही लोगों का पहुंचना जारी रहा। लोग पहुंचते रहे और छठ घाटों पर प्रसाद के सूप और डालों को सजाकर लोग रखते गए। छठ व्रत करने वाले व्रती पानी में उतर कर भगवान भास्कर के उगने का इंतजार करते दिखे और इस दौरान छठव्रती सूर्य की उपासना करते नजर आये। छठ घाटों पर पूजा समितियों ने बेहतर ढंग से सजाया था, रंगीन बल्बों और झालरों से सजा छठ घाट आकर्षक का केंद्र रहा। छठ व्रत के चौथे दिन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद इस व्रत के पारण का विधान है। चार दिनों तक चलने वाले इस कठिन तप और व्रत के माध्यम से हर साधक अपने घर-परिवार और विशेष रूप से अपनी संतान की मंगलकामना करता है। भगवान भास्कर का अर्घ्य देने के बाद घाट पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने व्रतियों से ठेकुआ का प्रसाद प्राप्त किया।

img 20241108 wa0037201212423735326568

Leave a Comment

लाइव क्रिकेट स्कोर
error: Content is protected !!