पाकुड़। व्यवहार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय में लंबित मूल दांपत्य वाद संख्या 92/2026 का सोमवार को मध्यस्थता और सुलह-समझौते के माध्यम से समाधान कराया गया। प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक के प्रयास से लंबे समय से आपसी मतभेद से गुजर रहे दंपती के बीच दूरियां समाप्त हुईं और दोनों ने साथ रहने पर सहमति जताई। न्यायालय में दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का शांतिपूर्ण समाधान कराया गया। प्रधान न्यायाधीश रजनीकांत पाठक ने दंपती को एक-दूसरे की भावनाओं और परिस्थितियों को समझते हुए आपसी प्रेम, विश्वास और सामंजस्य के साथ जीवन बिताने की सलाह दी। इसके बाद दोनों पति-पत्नी खुशी-खुशी न्यायालय से एक साथ विदा हुए। विवाद के समाधान में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की भी सराहनीय भूमिका रही। इस दौरान न्यायालय के कर्मी और दोनों पक्षों के परिजन मौजूद थे।





