पाकुड़/महेशपुर। महंगाई, बेरोजगारी, एसआईआर, नए श्रम कानून और मजदूरों की छंटनी के मुद्दे पर माकपा ने बुधवार को पाकुड़ और महेशपुर में आंदोलन किया। पाकुड़ में जिला कमेटी की ओर से नुक्कड़ सभा आयोजित की गई, जबकि महेशपुर के अंबेडकर चौक पर धरना-प्रदर्शन कर अंचलाधिकारी को 9 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया। दोनों कार्यक्रमों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पुराने कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। पाकुड़ में आयोजित नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए माकपा नेता शिवानी पाल ने कहा कि बेरोजगारी और महंगाई से आम लोगों की परेशानी बढ़ रही है। उन्होंने नए लेबर कोड और एसआईआर को वापस लेने की मांग की। साथ ही चुनाव आयोग में कथित मनमानी का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन का हवाला देते हुए महिला पत्रकार के साथ कथित अभद्रता और एआईएसए अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने का विरोध किया। महिलाओं के खिलाफ अत्याचार पर रोक लगाने की भी मांग की गई।
मजदूरों की छंटनी और मजदूरी का मुद्दा उठाया
माकपा ने पाकुड़ क्षेत्र में मजदूरों की छंटनी का विरोध करते हुए उचित मजदूरी और दैनिक भत्ता दिलाने की मांग की। नेताओं ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों को लेकर पार्टी और सीटू लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
महेशपुर में 9 सूत्री मांग पत्र सौंपा
महेशपुर में जिला सचिव गोपन मुर्मू के नेतृत्व में धरना दिया गया। उन्होंने कहा कि गरीबों और आदिवासियों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। धरने के बाद अंचलाधिकारी को सौंपे गए 9 सूत्री मांग पत्र में खनन एवं खनिज विनियमन कानून रद्द करने, राशन कार्ड के लिए जाति प्रमाण पत्र की बाध्यता खत्म करने, सभी वृद्धों को पेंशन और गरीबों को पीएम आवास देने की मांग की गई। इसके अलावा महेशपुर को आदिवासी अनुमंडल का दर्जा देने, पेसा कानून के तहत ग्रामसभा गठित करने, लैंड बैंक रद्द करने और आधार कार्ड से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने की मांग भी उठाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में माकपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।






