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May 11, 2026 10:08 am

माहे रमजान के अलविदा जुम्मा की नमाज़ शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न

ईद रोजेदारों के लिए ईनाम का दिन : अंजर काशमी।

राजकुमार भगत

पाकुड़। शुक्रवार 5 अप्रैल 2024 को माहे रमजान के अलविदा जुम्मा की नमाज जिले भर के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के सभी मस्जिदों में शांतिपूर्ण माहौल में सादगी के साथ संपन्न हुई।आलमे इस्लाम का मुबारक माह रमजान महीना जारी है ।जो ईद के चाँद के दीदार के साथ खत्म होगा ? अलविदा जुम्मा की नमाज के मौके पर मस्जिदों में नमाज़ अदा करने को लेकर नमाज़ियों की भीड़ देखी गयी। अलविदा जुम्मा की नमाज मुसलमानों के बीच काफी महत्वपूर्ण है। आज के दिन नमाज अदा करने से सभी को विशेष तम्मना होती है। हरिणडांगा जामे अतहरिया के इमाम मौलाना अंजर काशमी ने माहे रमजान और ईद की खुशी को लेकर अपने तकरीर में कहा कि ईद रोजेदारों के लिए इनाम का दिन है । जिस तरह एक मजदूर तीस दिन काम करता है एक माह होने पर उसको तनख्वा मिलता है, उसके चेहरे पर खुशी होती है । ठीक उसी तरह एक माह भूख प्यास की शिद्दत बर्दास्त कर इबादत करने वाले रोजेदारों के कि चेहरे पर ईद के दिन खुशी नजर आती है। ईद की सच्ची खुशी रोजेदारों को हाशिल होती रोजा नमाज़ और इबादत का सवाब अल्लाह खुद देता है । काशमी ने कहा कि रमजान के एक माह का रोजा हर बालिग मर्द और औरत ओर फर्ज है। इसमें अल्लाह की रहमत ,नगफिरत और जहन्नुम से आज़ादी होती है ।अल्लाह रोजेदारों के गुनाहों को जला देता है , यानी माफ कर देता है। रोजे का बदला अल्लाह खुद है। ये सब्र का महीना है ,सब्र का बदला जन्नत है। उन्होंने कहा कि रमजान माह इबादत में गुजरे अपने अल्लाह को राजी करें अपने गुनाहों से माफी मांगे जकात ,सदक़ा ए फितर अदा कर गरीबों को भी ईद की खुशी में शामिल करें। काशमी ने खाश कर नोजवानों से अपील की मोबाइल पर गलत सलत बयान बाजी से बचे। मौके पर मुल्क ने अमन चैन आपसी भाई चारे और मोहब्बत आम करने की दुआ की गई।

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