अब्दुल अंसारी
पाकुड़िया प्रखंड में सोमवार से मंगलवार तक मौसम के बदले मिजाज ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। अचानक तापमान में गिरावट और कोहरे के कारण दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। इससे लोगों का आवागमन कम हो गया और सड़कों पर वाहनों का परिचालन धीमी रफ्तार से होता देखा गया। मौसम की इस बदलाव के कारण लोगों को काफी परेशानी हुई। दोपहर बाद कुछ धूप निकलने के बाद लोग आवश्यक कार्य को लेकर अपने-अपने घरों से निकलने वाले लोग भी शरीर को गर्म कपड़ों से ढंक कर ही सड़क पर आवागमन करते दिखे। इससे ठंड में एकाएक बढ़ोतरी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की ठंड गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद हो सकती है। गेहूं की फसल को और बढ़ावा देने के लिए शीतकालीन वर्षा की आवश्यकता है, जिससे सिंचाई में मदद मिलेगी और पौधों को प्राकृतिक वायुमंडलीय नाइट्रोजन प्राप्त करने में मदद मिलेगी।





