पाकुड़: स्वराज सिंह।
शहर के वार्ड नंबर 3 छोटी अलीगंज स्थित सिद्धू कानू नगर में श्री श्री मां बसंती चैती दुर्गा पूजा मंदिर परिसर में आज दुर्गा मां के छठे रूप मां कात्यायनी माता की पूजा की गई। नवरात्रि के छठवें दिन देवी के कात्यायनी की उपासना की जाती है। मां कात्यायनी अमोघ फलदायिनी हैं, इनका स्वरूप अत्यंत ही भव्य और दिव्य है। इनका रंग स्वर्ण के समान चमकीला और भास्वर है । शेर पर सवार मां की चार भुजाएं हैं, इनके बायें हाथ में कमल और तलवार व दाहिनें हाथों में स्वास्तिक व आशीर्वाद की मुद्रा अंकित है। भगदान कृष्ण को पाने के लिए व्रज की गोपियों ने इन्ही की पूजा कालिंदी नदी के तट पर की थी। ये ब्रज मंडल की अधिष्ठात्री देवी के रूप में प्रतिष्ठित हैं। ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह का सम्बन्ध इनसे माना जाता है। की पूजा की गई।
क्या है यहां की विशेषता
आज चैती दुर्गा मंदिर में द्वितीय कल्प की कलश स्थापना षष्ठी तिथि में सुबह की बेला में की गई ,उसके साथ ही शाम को ग्राम देवी को बोधन और माता की प्रतिमा की स्थापना अधिवास की पूजा के साथ संपन्न की जाएगी। छोटी अलीगंज चैती दुर्गा मंदिर में तीन कल्प की पूजा का आचरण शुरुआत से ही अपनाया गया है जिसमे नवरात्री की पूजन के साथ बांग्ला मत से मां बासंती दुर्गा की पूजा संपन्न की जाती है। वही पूजा के बाद शाम को संध्या आरती के लिए सैकड़ो की संख्या में माता बहनों एवं श्रद्धालुओं की भीड़ उम्र पड़ी। धक के ताल पर माता की पूजा अर्चना एवं संध्या पूजा की गई। यह पूजा श्री श्री मां बसंती चैती दुर्गा पूजा समिति की ओर से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बड़े धूमधाम से मनाई जा रही है। पूजा परिसर में मेले का भी आयोजन किया गया है और वही महाव में के दिन महानवमी का महाप्रसाद वितरण किया जाएगा।






