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July 4, 2026 9:02 pm

अंधविश्वास के खिलाफ छात्राओं को किया जागरूक, डायन प्रथा व बाल विवाह पर कानून की दी जानकारी

पाकुड़िया: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) पाकुड़ द्वारा चलाए जा रहे 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान के तहत शनिवार को पीएम श्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, पाकुड़िया में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में छात्राओं को अंधविश्वास, डायन प्रथा, बाल विवाह, दहेज प्रथा और बाल श्रम जैसे गंभीर सामाजिक अपराधों से जुड़े कानूनों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डीएलएसए अध्यक्ष दिवाकर पांडेय के निर्देश एवं सचिव बंदना किरो के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ मो. नुकुमुद्दीन शेख ने कहा कि डायन प्रथा समाज के लिए अभिशाप है। किसी महिला को डायन बताकर प्रताड़ित करना, मारपीट करना या उसके खिलाफ हिंसा करना कानूनन अपराध है, जिसके लिए कठोर सजा का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि बीमारी का इलाज डॉक्टर से कराना चाहिए, अंधविश्वास और ओझा-गुनी के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि निजी रंजिश, जमीन विवाद और संपत्ति हड़पने की नीयत से महिलाओं को डायन बताकर प्रताड़ित किए जाने की घटनाएं सामने आती हैं, जिन्हें रोकने के लिए समाज में जागरूकता जरूरी है। शिविर के दौरान छात्राओं ने शपथ ली कि वे न किसी को डायन कहेंगी और न ही किसी को ऐसा कहने देंगी। पैनल अधिवक्ता मीनू टुडू ने बाल विवाह, दहेज प्रथा और बाल श्रम निषेध कानून की जानकारी देते हुए इन अपराधों के कानूनी परिणामों से छात्राओं को अवगत कराया। सभी ने बाल विवाह के खिलाफ संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता, नालसा की विभिन्न योजनाओं तथा कानूनी मदद के लिए टोल फ्री नंबर 15100 की जानकारी दी गई। साथ ही जरूरत पड़ने पर पैरा लीगल वॉलंटियर्स से संपर्क करने की अपील की गई। इस अवसर पर विद्यालय की वार्डेन असुन्ता मुर्मू, शिक्षिका राखी चौधरी, पीएलवी प्रियंका झा, किंगसुक नाग, सीमा साहा, मल्लिका सरकार सहित विद्यालय की शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।

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