सद्दाम हुसैन
संवाददाता/पाकुड़
पसमांदा मुस्लिम रिजर्वेशन महाज के संयोजक मोहम्मद नजरुल इस्लाम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर एसआईआर के दौरान आम लोगों को मिल रहे नोटिस और मतदाता सूची में दर्ज उम्र संबंधी विसंगतियों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि पुराने मतदाता रिकॉर्ड में दर्ज गलतियों का खामियाजा गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों को नहीं भुगतना चाहिए। मो नजरुल इस्लाम ने कहा कि पहले मतदाता सूची तैयार करने के दौरान कई लोगों की उम्र या जन्मतिथि सही तरीके से दर्ज नहीं हो सकी। उस समय ग्रामीण और कम शिक्षित लोगों को मतदाता सूची में दर्ज उम्र एवं जन्मतिथि की जानकारी और उसके भविष्य में पड़ने वाले प्रभाव का अंदाजा नहीं था। झारखंड से बड़ी संख्या में लोग रोजगार और मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं, जिससे दस्तावेजी प्रक्रियाओं को पूरा करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है।उन्होंने कहा कि उम्र में अंतर को हर मामले में मतदाता की गलती मानना उचित नहीं है। पुराने रिकॉर्ड तैयार करते समय बीएलओ या चुनाव प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों से हुई संभावित त्रुटियों की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई परिवारों के रिकॉर्ड में बच्चों की उम्र के बीच असामान्य अंतर दर्ज है, जबकि कुछ मामलों में एक ही परिवार के सदस्यों की जन्मतिथि में भी विसंगतियां देखने को मिलती हैं। मो नजरुल इस्लाम ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पुराने रिकॉर्ड में उम्र या जन्मतिथि गलत दर्ज हो गई है, तो उसे अपनी स्थिति स्पष्ट करने और उपलब्ध वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने का उचित अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास पुराने जन्म प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं हैं, उनके लिए भी नियमों के तहत उपलब्ध अन्य दस्तावेजों के आधार पर समाधान की व्यवस्था होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि गरीब और मजदूर परिवारों को रोजी-रोटी छोड़कर बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की स्थिति नहीं बननी चाहिए। एसआईआर की प्रक्रिया में आम लोगों की व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को मामलों की जांच संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ करनी चाहिए। मो नजरुल इस्लाम ने चुनाव आयोग से अपील की कि उम्र और जन्मतिथि से संबंधित विसंगतियों का व्यावहारिक समाधान निकाला जाए तथा पात्र मतदाताओं को अपनी बात रखने और वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को सही और विश्वसनीय बनाना है, इसलिए किसी भी पात्र नागरिक को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।








