सतनाम सिंह
पाकुड़। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमार क्रांति प्रसाद की अदालत ने मंगलवार को 25 वर्षीय मोहम्मद दाउद उर्फ पिलुआ को दुष्कर्म कर चुरा घोपकर मौत के घाट उतारने के एक मामले में अधिकतर पक्षद्रोही गवाह रहने के बावजूद एवं अभिलेख में उपलब्ध डीएनए रिपोर्ट व चिकित्सा रिपोर्ट के मद्देनजर भादवि की धारा 302 के तहत सश्रम आजीवन कारावास एवं एक लाख रुपया जुर्माना,धारा 376 के तहत सश्रम आजीवन कारावास एवं एक लाख रुपया जुर्माना करने की सजा सुनायी। वहीं जज ने उसे भादवि की धारा 201 के तहत 5 साल की सश्रम कारावास एवं 50 हजार रुपया जुर्माना करने की भी सजा सुनायी। तीनों सजा में जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त क्रमशः एक साल,एक साल और 6 माह जेल में ही रहना पड़ेगा। मोहम्मद दाउद उर्फ पिलुआ बड़ी अलीगंज थाना पाकुड़ नगर निवासी आलम अंसारी का पुत्र है,पिड़ीता भी इसी थाना क्षेत्र के निवासी है। पीड़िता के पिता ने पुलिस को बताया था की 13 नवंबर 2022 पिड़ीता अपने घर से दूसरे के घर में काम करने के लिए करीब 4 बजे निकली फिर वहां से काम खत्म कर के दूसरे के घर काम करने गई और वहां से निकलकर रात भर अपने घर नहीं लौटी।पीड़िता के परिवार ने सारी रात काफी खजबीन किया लेकिन पीड़िता का पता नही चल पाया।वहीं दूसरे दिन दिनांक 14 नवंबर 2022 को दोपहर में एक शव का फोटो वायरल होने पर मृतिका के पिता ने शव को शिनाख्त किया और पाया कि उक्त शव उसकी पुत्री का है।शव हिरणपुर थाना स्थित फायरिंग रेंज में अर्धनग्न अवस्था में ग्रामीण ने देखा था,जिसपर पुलिस को सूचना दी गई थी। पीड़िता के साथ पहले बलात्कार किया गया था फिर दुपट्टा से गला घोट गया उसके बाद उसके पेट में चाकू घोप कर मौत के घाट उतारा गया था। जिस पर हिरणपुर थाना की पुलिस ने 138/22 कांड दर्ज किया था।





