जिला संवाददाता अंकित कुमार लाल
मेदनीनगर:जी हां, हम बात कर रहे हैं पलामू जिले के प्रमुख शिक्षाविद, समाजसेवी व खेल प्रेमी पनेरीबांध गांव निवासी जीएलए कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रो. सुभाष चंद्र मिश्रा की, जिनका रविवार की देर रात करीब एक बजे उनके मेदिनीनगर शहर के श्रीराम पथ स्थित आवास में निधन हो गया जो इस शहर में आयोजित लगभग हर महत्वपूर्ण कार्यक्रम की शान होते थे। इन सभी कार्यक्रमों में बतौर मुख्य अतिथि अथवा विशिष्ट अतिथि शामिल होते थे। चाहें वह कार्यक्रम स्कूल में आयोजित हों या राष्ट्रीय स्तर का कोई खेल का टूर्नामेंट हो। सभी में उनकी प्रमुख भागीदारी होती थी। उन्हीं के नेतृत्व में हर कार्यक्रम सफल भी होता था। वे सभी से अपनत्व के भाव से मिलते थे। उनमें सबको अपना बनाने की अद्भुत प्रतिभा थी। साहित्य में भी उनकी गहरी रुचि थी। वे समय-समय पर आयोजित होने वाले कवि सम्मेलन व हास्य कवि सम्मेलन में भी भाग लेते थे। साथ ही साहित्यकारों को भी बख़ूबी प्रोत्साहित करते थे। अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी में भी उनकी गहरी पकड़ थी। अध्यापन के दौरान अंग्रेजी को भी सरल व सुगम बनाने की उनमें अनोखी क्षमता थी। ऐसा उनके बारे में उनसे पढ़े विद्यार्थी बताते हैं। अभी हाल ही में उन्होंने ‘कोयल की धारा’ नामक पुस्तक भी लिखा था जो काफी चर्चित हुआ है। इससे उनके प्रकृति प्रेमी व पलामू से अटूट लगाव होने का प्रमाण मिलता है। कुल मिलाकर यही कहा जा सकता है कि उन्होंने अपने आकर्षक व्यक्तित्व के बल पर जीवन के हर क्षेत्र को प्रभावित किया है और पलामू के सामाजिक व सांस्कृतिक विकास में अपनी महती भूमिका का निर्वाह किया है। उनके इस योगदान को पलामूवासी युगों-युगों तक भूल नहीं पाएंगे। उनके बताए रास्ते पर चलना और उनके अधूरे सपने व कार्यों को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और दुःख की इस घड़ी में उनके शोकाकुल परिवार को दुःख सहन करने की शक्ति दें।





