पूजा पंडालों में उमड़ेगी भीड़, अधिकारियों ने छह प्रमुख स्थलों समेत विभिन्न पंडालों का किया निरीक्षण।
पाकुड़। दुर्गापूजा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संभालना जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने तैयारियों की जमीनी स्तर पर जांच शुरू कर दी है। शनिवार को एसडीएम के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने शहर के विभिन्न पूजा पंडालों का निरीक्षण कर सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। जिले में 27 स्थानों पर पूजा पंडाल बनाए गए हैं। ऐसे में प्रमुख पंडालों में संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन की प्राथमिकता सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की चूक रोकना है। निरीक्षण के दौरान सरस्वती पुस्तकालय, श्मशान कालीघाट, राजापाड़ा, रेलवे स्टेशन, कालिकापाड़ा और शीतला मंदिर समेत प्रमुख पूजा स्थलों की व्यवस्थाएं देखी गईं। अधिकारियों ने प्रवेश और निकास मार्ग, बिजली, रोशनी, साफ-सफाई तथा श्रद्धालुओं के आवागमन की स्थिति का जायजा लिया। जहां कमियां पाई गईं, उन्हें तत्काल दूर करने का निर्देश दिया गया।

आग से बचाव से लेकर ट्रैफिक तक पर नजर।
पूजा पंडालों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित करने, बिजली के तारों को सुरक्षित रखने तथा आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ते खुले रखने पर जोर दिया गया। पंडालों के आसपास अनधिकृत पार्किंग रोकने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात सुचारू रखने के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए गए। एसडीपीओ आवास से सिविल जज के स्थान तक ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। निरीक्षण में एसडीएम, एसडीपीओ, जिला परिवहन पदाधिकारी सहित पुलिस, विद्युत विभाग, अग्निशमन और नगर परिषद के अधिकारी शामिल रहे। प्रशासन की यह कवायद केवल पंडालों की व्यवस्था देखने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूजा के दौरान भीड़, यातायात और आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने की भी है। अब इन निर्देशों का जमीन पर कितना पालन होता है, यह पूजा के दौरान व्यवस्था की वास्तविक परीक्षा होगी।







