पाकुड़। पारिवारिक विवाद के कारण अलग रह रहे एक दंपति का रिश्ता सोमवार को कुटुंब न्यायालय की पहल और मध्यस्थता से फिर से जुड़ गया। पाकुड़ व्यवहार न्यायालय स्थित कुटुंब न्यायालय में लंबित मूल भरण-पोषण वाद संख्या 40/2026 की सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश रजनीकांत पाठक के प्रयास से पति-पत्नी के बीच चल रहे मतभेद का सौहार्दपूर्ण समाधान कराया गया।
सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को समझाने-बुझाने और आपसी संवाद स्थापित कराने के बाद विवाद का निपटारा सुलह-समझौते के आधार पर हुआ। दोनों ने अपने मतभेद भुलाकर पुनः एक साथ रहने की सहमति जताई। प्रधान न्यायाधीश ने दंपति को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रेम, विश्वास और समझदारी के साथ जीवन व्यतीत करने की सलाह दी। समझौते के बाद पति-पत्नी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर नई शुरुआत का संदेश दिया। न्यायालय परिसर में इस भावुक पल का सभी ने स्वागत किया। इस समझौते को सफल बनाने में दोनों पक्षों के अधिवक्ता अब्बास अली और मोहन राय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मौके पर न्यायालय कर्मी, दोनों पक्षों के परिजन तथा पैरा लीगल वॉलंटियर नीरज कुमार राउत भी उपस्थित थे। न्यायालय से दंपति को हंसी-खुशी विदा किया गया, जिससे न्यायालय परिसर में भी सकारात्मक माहौल देखने को मिला।






