इकबाल हुसैन
महेशपुर/पाकुड़। आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ने की दिशा में गुरुवार को कल्याण विभाग ने पहल की। प्रखंड कार्यालय परिसर में दो गांवों के ग्राम प्रधानों को बांसुरी, मांदर, ढोल, नगाड़ा, शहनाई, करताल और घुंघरू समेत विभिन्न पारंपरिक वाद्ययंत्र वितरित किए गए। बीडीओ डॉ. सिद्धार्थ शंकर यादव, सीओ संजय कुमार सिन्हा और कल्याण पदाधिकारी सूरज प्रकाश ने संयुक्त रूप से वाद्ययंत्र सौंपे। अधिकारियों ने कहा कि मांदर, ढोल-नगाड़े समेत पारंपरिक वाद्ययंत्र आदिवासी समाज की पहचान और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं। इनके संरक्षण और प्रोत्साहन से युवा पीढ़ी अपनी लोक परंपराओं से जुड़ी रहेगी और सांस्कृतिक विरासत आगे भी जीवंत बनी रहेगी।






