अक्षय कुमार सिंह
रांची। अखंड भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजेश सिंह के नेतृत्व में गौरीशंकर नगर, डोरंडा स्थित उनके आवास पर विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी गण द्वारा बैठक का आयोजन किया गया। इस हम बैठक अध्यक्षता अखंड भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजेश सिंह ने की। मौके पर सभी ने एक मत से अपने विचार देते हुए कहां की अयोध्या स्थित राम मंदिर में चोरी की घटना पूरे देश के समक्ष चिंता का विषय है। मौके पर श्री सिंह ने कहा कि जहां एक ओर इस चोरी की घटना के बाद विभिन्न विपक्ष दलों के राजनेताओं ने इस मुद्दे को उठाया है तो वही भारतीय मीडिया ने भी इस खबर को विस्तार से दिखाने का काम किया है किंतु इस दौरान वास्तविक मुद्दे जो की सभी धर्म स्थलों पर एक समान नियम अथवा शर्त लागू होना चाहिए इससे सभी बचते आए हैं जो कि दान एवं दक्षिण द्वारा प्राप्त राशि के कुशल संचालन के विषय पर होना चाहिए था।

किसी पक्ष ने ने अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं दी है क्या कारण है कि मंदिर मस्जिद गुरुद्वारा एवं चर्च में दान संबंधी नियमों में भेदभाव क्यों रखा गया है? क्या धर्मनिरपेक्ष देश में किसी खास धर्म को चिन्हित कर अलग कानून लागू करना संविधान के साथ धोखा नहीं है? मौके पर विश्व सनातन मंच के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने कहा कि समस्त भारत में आए दिन बड़े एवं छोटे मंदिरों में चोरी की घटना देखी जाती है। हाल ही में कुछ समय पहले झारखंड की राजधानी रांची स्थित विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर में चोरी की घटना हुई थी तो वहीं अयोध्या का राम मंदिर राम मंदिर, जो कि भारत के सभी सनातनी वर्ग की आस्था का प्रमुख केंद्र है वहां चोरी की घटना छोटी बात नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को एक स्पष्ट निर्णय के तहत काम करते हुए मंदिर- मस्जिद, गिरजाघर एवं गुरुद्वारा में ऐसी नीति लानी चाहिए। जहां श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान का सदुपयोग हो और उसे धन का प्रयोग धर्म कर्म के विकास एवं उत्थान के लिए किया जाए।


मौके पर अपने विचार देते हुए बृजेश सिंह ने कहा कि दान से प्राप्त धन का प्रयोग सरकार द्वारा परंपरागत गुरुकुल निर्माण, धर्मशाला निर्माण, प्राचीन किलो में मौजूद जर्जर हो चुके मंदिरों के उत्थान, धार्मिक मेलों के आयोजन में सुविधा एवं सुरक्षा के लिए करे तो वहीं मंदिर के बाहर भीख मांगने के लिए बैठे हजारों जरूरतमंदों के जीवन में उजाला लाने के लिए करना चाहिए ताकि हर वर्ग को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि जब मस्जिद और चर्च के दान के पैसे सरकार नहीं लेती है तो मंदिर मैं होने वाले दान का पैसा पर भी उनका अधिकार नहीं होना चाहिए। यह संवैधानिक भेदभाव के कारण चोरी की घटना प्राय: देखी जाती है। मंदिर के चढ़ावा एवं दान का पैसा हिंदू संस्कृति और सभ्यता के विकास में करने हेतु नीति निर्धारित होनी चाहिए। साथ ही सरकार की ओर से भी हिंदू धर्म के प्रचार- प्रसार एवं छात्रवृत्ति के लिए अनुदान देना चाहिए। जैसे अन्य अल्पसंख्यक वर्ग और उनके संस्थाओं को दिया जाता है। इस विशेष बैठक में राष्ट्रीय हिंदू संगठन के झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष केडी शरद, स्वतंत्र राष्ट्रवादी पार्टी के संस्थापक एवं अध्यक्ष राम प्रकाश तिवारी, सनातन एकता मंच के अध्यक्ष रोहित सनातनी, एवं राष्ट्रीय हिंदू परिषद ने भी अपने विचार रखें। सभी ने आगामी समय में अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी हो या अन्य मंदिर में सरकार के द्वारा हर प्रकार की चोरी को बंद करने के लिए आंदोलन की बात कही।





