केंद्र की खनन बिल के विरुद्ध सात सितंबर को होगी धरना प्रदर्शन – विधायक
हिरणपुर (पाकुड़): लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू शनिवार को डांगापाड़ा पंचायत भवन पहुंचकर आमलोगों से रूबरू होकर समस्याएं सुनी। जहां विद्युत सहित अन्य समस्याओं की त्वरित निदान को लेकर सम्बन्धित पदाधिकारियो को फोन से सख्त निर्देश देते हुए जल्द क्रियान्वयन करने को कहा। उपस्थित ग्रामीणों ने डांगापाड़ा गांव को हिरणपुर पावर सब स्टेशन से जोड़ने की मांग पर विधायक ने ए सी साहेबगंज राजेश कुमार को फोन से सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अविलम्ब इसे हिरणपुर से जोड़ा जाए। वही जर्जर पड़े तार को हटाकर कोभरयुक्त लगाया जाए। इसके साथ ही डुमरिया व दराजमाठ में नया ट्रांसफर्मर लगाने का निर्देश दिया। पीडीएस डीलरों की 10 माह की बकाया कमीशन राशि की भुगतान को लेकर जिला आपूर्ति पदाधिकारी अभिषेक कुमार को निर्देश दिया कि दुर्गा पूजा के पूर्व सभी बकाये कमीशन का भुगतान हो। इसकी सूचना हमे भी दी जाए। विधायक ने डांगापाड़ा चौक स्थित चांद भैरव प्रतिमा स्थल की जीर्णोद्धार कार्य को लेकर कहा कि जल्द ही इस कार्य को कराई जाएगी। वही गांव के आदिवासी टोला में सड़क व नाली , बिंदाडीह स्कूल में डीप बोरिंग , बाबूपुर में सड़क निर्माण आदि कार्य को लेकर लोगो को आश्वस्त किया। विधायक ने उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि समस्याओ का निदान त्वरित रूप से किया जाएगा। राज्य सरकार मइया सम्मान , अबुआ आवास , बच्चो की शिक्षा आदि की व्यय खनन से प्राप्त करीब 14 हजार करोड़ की राशि से करते आ रहा है। पर केंद्र सरकार के द्वारा 18 अगस्त को खान , खनन व विनियम बिल लाया है। जिससे राज्य सरकार की सेष समाप्त हो गई है। खान की जमीन का अधिग्रहण राज्य नही केंद्र सरकार करेगी। राज्य सरकार के हक व अधिकारों का हनन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि झारखण्ड में देश का करीब 42 प्रतिशत खनिज संपदा है। मीथेन गैस लिट्टीपाड़ा क्षेत्र में ही मिली है। केंद्र की इस काले कानून को लेकर 31 अगस्त तक नजर रखी जायेगी। यदि यह काला कानून केंद्र सरकार वापस नही लेती है तो सात सितंबर को हजारो की संख्या में झामुमो कार्यकर्ता सभी प्रखंडो में धरना प्रदर्शन करेंगे। वही पूरे राज्य में आर्थिक नाकेबंदी की जाएगी। एक भी खनन पदार्थ राज्य से बाहर जाने नही दी जाएगी। इसको लेकर गांव गांव में जाकर लोगो को जागरूक की जा रही है। इस अवसर पर झामुमो प्रखंड अध्यक्ष इसहाक अंसारी , रंजन कुमार साहा , पास्टर सोरेन , जब्बार अंसारी , जंतु सोरेन आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।








