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May 11, 2026 1:09 pm

पाकुड़ में वर्षों से फलफूल रहा है नकली डीजल कारोबारियों का जाल, पुलिस महकमा मौन

बंगाल निर्मित नकली डीजल जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के सड़क किनारे होती है विक्री

नकली डीजल के तस्कर अंतरराज्यीय चेक पोस्टों से करते हैं एंट्री।

सतनाम सिंह

पाकुड़: पाकुड़ जिले में नकली डीजल के कारोबारियों ने जाल फैला रखा है। पुलिस विभाग नकली कारोबारियों के प्रति मौन बनी हुई हैं।वहीं कम दर पर नकली डीजल मिलने से कुछ लोग उसे गांव और चौराहे पर बेचते हैं।हालत यह है कि सस्ते के लालच में बड़े वाहनों के मालिक, जिनके माल वाहक वाहन लंबी दूरी तय करते हैं, वे प्रति लीटर बीस-पच्चीस रूपए का फायदा देखकर आसानी से नकली बॉयो डीजल भरवा लेते हैं। दरअसल यह कारोबार पाकुड़ महेशपुर थाना क्षेत्र व रद्दीपुर ओपी अंतर्गत सुंदरपहाड़ी व शहरग्राम- अमलागाछी के क्रशर व खदानों में बड़े पैमाने पर पश्चिम बंगाल के नकली डीजल को खूब- खपाया जा रहा है.वही नाम ना बताने के शर्त पर लोगों का यह भी कहना है कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र के झिकरहाटी में भी नकली डीजल का कारोबार धड़ले से चल रहा है। पश्चिम बंगाल से टैंकर में डीजल लादकर रदीपुर ओपी क्षेत्र और महेशपुर थाना क्षेत्र के शहरग्राम- अमलागाछी सहित अन्य क्रशर व खदानों में यह नकली डीजल सप्लाई किया जा रहा है. इससे झरखंड सरकार को चुना लग रही है. साथ ही स्थानीय पेट्रोल पंप पर भी इसका असर पड़ रहा है. जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल के मुरारोई, राजग्राम व नलहाटी के माफिया कदमडांगा, सुंदरपहाड़ी, बागमुडा व असकंधा, नीरबांध के रास्ते डीजल लाकर प्रतिदिन तीन से चार टैंकर के माध्यम से अवैध डीजल रदीपुर ओपी क्षेत्र व शहरग्राम- अमलागाछी सहित अन्य क्षेत्र में खपाया जा रहा है. बता दें कि एक टैंकर में 3 हजार लीटर डीजल भरा रहता है. प्रतिदिन 10 से 12 हजार लीटर नकली डीजल रदीपुर ओपी क्षेत्र में और महेशपुर थाना क्षेत्र के शहरग्राम खनन क्षेत्र में बेचा जा रहा है. वही कुछ पेट्रोल पंप के मालिको ने बताया कि सूबे की सरकार से डीजल पर लगने वाली वेट को कम करने को लेकर एसोसिएशन के द्वारा कई बार पत्र लिखकर वेट कम करने का आग्रह किया गया था. लेकिन वेट कम नहीं हो पाया. झारखंड में डीजल पर वेट ज्यादा है. वहीं पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल में वेट कम होने की वजह से झारखंड में बंगाल का मिलावट डीजल क्रशर व खदानों में बेचा जा रहा है. इससे झारखंड के राजस्व को चुना लग रही है. दूसरी तरफ स्थानीय प्रशासन इस कारोबार को रोकने के बजाय बढ़ावा दे रही है, सूत्रों की माने तो पश्चिम बंगाल के माफिया खदान व क्रशरों में नकली डीजल खापने को लेकर स्थानीय प्रशासन के हरि झंडी के बार ही क्षेत्र में बंगाल का डीजल खपाया जा रहा है. अगर इस मामले को लेकर जिला प्रशासन रुचि दिखाते हुए कार्यवाई करते हैं तो वर्तमान चम्पाई सोरेन की सरकार को राजस्व में बढ़ोतरी होगी.

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