Search

April 16, 2026 4:14 pm

संविधान के रचयिता का मजाक उड़ाने वाले गृहमंत्री को प्रधानमंत्री अविलंब करें बर्खास्त, हो मुकदमा दायर: मनोवर आलम.

राहुल दास

हिरणपुर(पाकुड़):संसद के अंदर गृह मंत्री अमित शाह ने जिस तरह के बयान दिया है,वो उनका परवरिस दलितों के प्रति सोच संविधान से नफरत दिखा रहा है। असल में संघ ने हमेशा संविधान से इतर काम किया है, बाबा साहेब के लिखे संविधान से नफरत नही है बीजेपी को बल्कि बाबा साहब दलित थे दलित के हाथ से लिखे संविधान से नफरत है।बीजेपी हमेशा से अपने संविधान विरोधी नीति को समय समय पर दर्शाते रहा है,जिस संविधान के वजह से अमित शाह बोल रहे थे संसद के अंदर उसी संविधान के निर्माता को अपमान किया है,और बीजेपी की खामोशी बता रहा है,की बीजेपी के सहमति से बोला गया है,अगर मोदी जी,नड्डा जी और बीजेपी संविधान को मानती है,तो अमित शाह का इस्तफा ले या बर्खास्त करे।मैं महामहिम राष्ट्रपति महोदया से मांग करता हूं,की अमित शाह को आजीवन चुनाव लडने पर रोक लगाए हम सबके लिए पहले देश है,फिर धर्म है, लेकिन अमित शाह का बयान से लगता है, की उनके बीजेपी के लिए पहले धर्म फिर देश है, बाबा साहेब भगवान ही थे है,और रहेंगे इस लोकतंत्र के अमित शाह जी इस बात को समझिए दलितों से नफरत करना बंद कीजिए नही तो जिस संविधान की वजह से आप सत्ता में है उसी संविधान के नियम से आपको बाहर फेक देगी जनता लोकतंत्र में भाषा की मर्यादा होती है लेकिन आपने जिस भाषा का प्रयोग किया उसे कभी स्वीकार नहीं सकते आखिर बाबा साहेब के नाम से चीड़ कियू है बीजेपी को दलितों को समान अधिकार मिला इस लिए या दलितों को जीने का बोलने का आजादी मिला इस लिए दलित भी इस देश के अभिन्न अंग है।

Leave a Comment

लाइव क्रिकेट स्कोर
error: Content is protected !!