सतनाम सिंह
पाकुड़: महेशपुर विधानसभा चुनाव 2024 में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के इंडिया गठबंधन प्रत्याशी प्रो. स्टीफन मरांडी के समर्थन में उनकी बेटी उपासना मरांडी उर्फ पिंकी मरांडी ने चुनाव प्रचार में पूरी निष्ठा के साथ योगदान दिया है। पिता के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही उपासना की उपस्थिति खासकर महिला मतदाताओं में अलग ही प्रभाव छोड़ रही है।बता दें कि हेमंत सोरेन सरकार की मंईया सम्मान योजना, जिसमें महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता को प्रतिमाह ढाई हजार रुपये किया गया है, महिला मतदाताओं को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा रही है। इस योजना के जरिए महिला मतदाताओं का झुकाव झामुमो की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। उपासना मरांडी, जो लगातार जनसंपर्क अभियान में सक्रिय हैं, महिलाओं को इस योजना और उसके लाभों की जानकारी देकर झामुमो के प्रति उनकी सहानुभूति बढ़ाने में सफल हो रही हैं।
महेशपुर और पाकुड़िया में प्रो. स्टीफन मरांडी की पकड़
महेशपुर और पाकुड़िया प्रखंड में प्रो. स्टीफन मरांडी की गहरी पकड़ पहले से ही है, परंतु उपासना मरांडी के जुड़ने से महिला मतदाताओं में झामुमो के प्रति एक नई सोच का संचार हो रहा है। चुनाव पूर्व से ही उपासना मरांडी सामाजिक कार्यों और विभिन्न शिलान्यास व उद्घाटन कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर जनता के बीच अपनी पहचान बना चुकी हैं। पिता के प्रत्याशी बनने के बाद उनकी सक्रियता और बढ़ गई है, जिससे महिला मतदाताओं में झामुमो के प्रति एक सकारात्मक भावना विकसित हो रही है।
महिलाओं के बीच उपासना का प्रभाव
चुनाव प्रचार में महिला चेहरे की उपस्थिति महिलाओं को भावनात्मक रूप से जोड़ने में महत्वपूर्ण होती है। उपासना की उपस्थिति और जनसंपर्क की तन्मयता महिला मतदाताओं के दिलों-दिमाग में झामुमो की महिला केंद्रित योजनाओं को प्रभावशाली ढंग से स्थापित कर रही है। उनके प्रयासों से महिला मतदाता झामुमो के प्रति विश्वास जताते दिख रहे हैं, जो प्रो. स्टीफन मरांडी की संभावनाओं को और मजबूत कर रहा है।
चुनावी समीकरण में उपासना की भूमिका
महेशपुर विधानसभा सीट से झामुमो की जीत की संभावना को मजबूत करने के लिए उपासना मरांडी का अथक प्रयास और उनकी लोकप्रियता काम आ रही है। महिला मतदाताओं के बीच उपासना की बढ़ती पहचान झामुमो के प्रचार अभियान को नई दिशा दे रही है, जो महेशपुर सीट पर पार्टी के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।महेशपुर विधानसभा सीट पर इस तरह का जोरदार प्रचार और उपासना मरांडी का खासकर महिलाओं में बढ़ता प्रभाव आगामी चुनाव में निर्णायक साबित हो सकता है।







