अब से सिविल कोर्ट के अधिवक्ता भी हाई कोर्ट बिना गए वर्चुअल प्लेटफार्म से कर सकेंगे बहस:प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश
सतनाम सिंह
पाकुड़: झारखंड उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायमूर्ति एचसी मिश्रा के द्वारा झारखंड उच्च न्यायालय में वर्चुअल प्लेटफार्म का शुभारंभ किया गया, अब कई वाद जैसे क्रिमिनल अपील, रिट ,क्रिमिनल रिवीजन समेत कई वाद को इस वर्चुअल प्लेटफार्म के माध्यम से सिविल कोर्ट के वकील दायर कर सकते है।जिसकी सुनवाई के लिए वर्चुअल बेंच का गठन किया गया है। उक्त उद्घाटन कार्यक्रम आभासी रूपी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से झारखंड के तीन जिला पाकुड़, दुमका और पलामु में मुख्य न्यायमूर्ति के द्वारा किया गया।उक्त प्लेटफार्म के चालू होने से गरीब वादी,उनके परिवार को बहुत सुविधा मिलेगी एवं अधिवक्ताओं को वाद की सुनवाई में शामिल होकर बहस करने का मौका मिलेगा।इसके सुविधा के लिए किसी भी प्रकार के कोई शुल्क न्यायलय द्वारा नहीं वसूली जाएगी।यह आम लोगों के लिए व्यवस्था की गई है।इस अवसर पर जिला एवं प्रधान न्यायाधीश के द्वारा भी बताया गया के अब सभी लोग सीधे सिविल कोर्ट में आकर अपना रिवीजन ,अपील या रिट दाखिल करेंगे और यही से वकील साहब बहस में भाग लेंगे इसके लिए पूरी व्यवस्था है।मौके पर मुख्य रूप से पीडीजे बालकृष्ण तिवारी,कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश राधा कृष्णन ,एडीजे प्रथम राकेश कुमार,एडीजे द्वितीय चौधरी एहसान मोईन , अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम अजय कुमार गुड़िया,अनुमंडल न्यायीक दंडाधिकारी एनके भारती, न्यायीक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कमल प्रकाश,उपयुक्त मृत्युंजय बरवाल ,पुलिस अधीक्षक एचपी जनार्धन,अनुमंडल पदाधिकारी हरिवंश पंडित,के साथ-साथ सिविल कोर्ट के न्यायिक पदाधिकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव शिल्पा मुर्मू के अतिरिक्त अन्यायिक पदाधिकारी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद मोहिउद्दीन एवं सचिव दीपक ओझा, उपाध्यक्ष नृपेंद्र नाथ उपाध्याय,वरिष्ट अधिवक्ता रंजन कुमार बोस,राजीव झा , अंबुज वर्मा,अजफर हुसैन,राहुल सरकार,जितेंद्र ओझा ,स्वराज सिंह के साथ-साथ 12 एसोसिएशन के गण मन अधिवक्ता गण डीएलबी पैनल अधिवक्ता मेडिएटर्स सभी उपस्थित थे।






