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May 4, 2026 6:30 am

ईसीआई मिशन लब्दाघाटी के संचालक पर कब होगी कारवाई

लिट्टीपाड़ा (पाकुड़) लिट्टीपाड़ा प्रखंड के लब्दा घाटी में स्थित ईसीआई मिशन एक फिर सुर्खियां बटोर रहा हैं। विद्यालय स्थापन के बाद से अब तक तीन बार बड़ी घटना घट चुकी है। पहली बार 2013में रेप जैसी घटना, इसके बाद 2022 में अचानक दो बच्चें की मौत,पुनः बीते 23जुलाई की रात अचानक तीन बच्चें की तबियत बिगड़ती हैं फिर अचानक एक बच्चे की मौत हो जाती हैं। इससे पहले दो बड़ी घटना के बावजूद विद्यालय प्रबंधक किनके छत्र छाया में विद्यालय का संचालन जारी रखा। किनके इशारे पर बच्चें हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करते रहें। आखिर कैसे?बड़ा सवाल इतना बड़ी घटना घटने के बावजूद विद्यालय में बच्चों का रहना खाना पीना पढ़ना जारी रहा। इससे पहले भी जब घटना घट तब जांच चला परंतु वह ठंडे बस्ते में चला गया। न ही विद्यालय प्रबंधक पर कारवाई हुई न ही अभिभावक को इंसाफ मिला। जिससे विद्यालय प्रबंधक को प्रशासन का खौफ नहीं रहा।विद्यालय में मूलभुत सुविधाओ का काफी अभाव है, न ही सरकार के मानक के अनुसार संचालन है।अपने मनमानी से संचालित जारी रखा है। जब एसडीओ हरिवंश पंडित ने विद्यालय प्रबंधक से पुछा कि आप किसके आदेेश से बच्चे को हॉस्टल में रखते है प्रबंधक द्वारा सटीक जवाब नहीं दिया।अब सवाल है बिना परमिशन के बच्चों को कैसे रखते हैं। जब परमिशन नहीं हैं तो फिर कैसे जैसे तैसे रखकर पढ़ाई करवा रहे हैं। जानकारी के अनुसार कुल 218बच्चें का नामांकन है। विद्यालय के हॉस्टल में 123बच्चें रहकर पढ़ाई करते हैं, जिसमें 76छात्र एवं47छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते हैं। हॉस्टल में मात्र बच्चों के लिए 14बेड हैं, बाकी बच्चे जमीन पर सोने को मजबूर है।बच्चें के रूम में पंखा भी नहीं हैं। बच्चों को जैसे तैसे रखकर विगत 10सालों से संचालन जारी रखा हैं।

पोस्टमार्टम से छात्रा मनीषा की मौत का कारण का राज खुल सकता हैं

मनीषा मालतो का दफनाए गए मृत शरीर को चार दिन बाद मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में निकाल लिया गया, अब मौत का असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा होगा।इधर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी एवं डॉ निशिकांत दुबे ने ट्वीट कर अप्रिय घटना होने की आशंका जताई है।तब से पुरा राजनीतिक गर्म हो गया है।

चंद्रगोड़ा मिशन ले जानें से कई तरह के उठ रहे हैं सवाल

जब बच्ची सीरियस होने लगीं तो पाकुड़ सदर अस्पताल, दुमका मेडिकल कॉलेज या फिर बंगाल ईलाज के लिए क्यों नहीं ले गया, आखिर मिशन में ही ईलाज के लिए ले गया। हो सकता अगर अच्छा अस्पताल समय पर पहुंचता तो शायद मनीषा जिंदा रहती। इस तरह के कई सवाल उठ रहें है। इधर मनीषा की मृत्यु डॉक्टर के अनुसार सांप के काटने से होने की पुष्टि की है।

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