लिट्टीपाड़ा पाकुड़
प्रशांत मंडल
वन विभाग की टीम ने सोमवार को करमाटाड़ पंचायत के छुरिधारी गांव के समीप से 20बोटा सखुआ लकड़ी जब्त किया है।गुप्त सूचना पर वन कर्मियों ने बोटा किए लकड़ी को जब्त किया है। मिली जानकारी के अनुसार माफिया द्वारा पश्चिम बंगाल के आरा मिलो में ले जाने की तैयारी की जा रही थी। तब तक स्थानीय ग्रामीणों ने वन अधिकारी को सूचना दिया। सूचना मिलते ही डीएफओ रजनीश कुमार ने वनपाल बबलू देहरी के नेतृत्व में वन रक्षी अनुपम कुमार यादव, नीलू निकोलस व अन्य कई वन कर्मियो को भेज कर लकड़ी को जब्त कर लकड़ी को ट्रेक्टर के माध्यम से लिट्टीपाड़ा वन कार्यालय में लाकर रखा गया है। पर आश्यचर्य जनक बात है कि वन विभाग के कर्मी व अधिकारी पेड़ो के कटाई की सूचना मिलने के पश्चात छापेमारी कर लकड़ी को जब्त करता है। वन विभाग के अधिकारी व कर्मी नित्य प्रतिदिन वन क्षेत्र में निगरानी व पेट्रोलिंग करने के बावजूद माफिया के हौसले बुलंद हैं। वन विभाग के आंखों में धूल झोंक कर माफिया अपना साम्राज्य चला रहे है। सूत्र की माने तो लचर शासन व्यवस्था की वजह से वन माफिया का क्षेत्र में हौसला बढ़ा हुआ है।पर वन विभाग द्वारा केवल लोगो की सूचना पर लकड़ी जब्त कर खानापूर्ति की जा रही है।इन दिनों लिट्टीपाड़ा के पश्चिमी पहाड़ी क्षेत्र के कुजबोना, करमाटाड, जामजोड़ी, सुरजबेडा, जोरडीहा, सोनाधनी व बाड़ू पंचायत क्षेत्र के जंगलों में बड़े पेमाने पर लकड़ी माफिया चायनीज मशीन के माध्यम से पेड़ो की कटाई में स्थानीय मजदूरों का उपयोग कर रहा है।लकड़ी माफिया सुंदरपहाड़ी थाना क्षेत्र के धमनी बाजार, बरहेट थाना क्षेत्र के कदमा, कुसमा, तलबड़िया के माफिया अधिक सक्रिय है।








