सुदीप कुमार त्रिवेदी
कथित तौर पर जमीन विवाद के आरोप के कारण प्रवर्तन निदेशालय की गिरफ्त में आए झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व दिशोम गुरू शिबु सोरेन के पुत्र हेमंत सोरेन ने आज विधानसभा में अंततः अपनी सिंह गर्जना के द्वारा अपनी राजनीतिक उपस्थिति एवं आदिवासी अस्मिता का एहसास ना केवल विधानसभा बल्कि पूरे राज्य को कराया । विधानसभा पटल पर अपनी बात कहते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हे इडी के द्वारा किए जा रहे एक्शन का कोई गम नही है, श्री सोरेन ने आगे कहा कि झामुमो का उदय इस राज्य के मान सम्मान व स्वाभिमान की रक्षार्थ हुआ है और जो भी शक्ति इसके विरोध में खड़ी होगी, उसका मुँहतोड जबाब दिया जाएगा । हेमंत सोरेन ने बिना नाम लिए संवैधानिक संस्था का दुरूपयोग करनेवाली शक्ति को चेताते हुए कहा कि अपनी पाचन शक्ति के अनुसार मुझे निगलने का प्रयास किया जाए । मुख्यमंत्री ने खुद को हड्डी की संज्ञा देते हुए कहा कि अगर गलती से ये हड्डी गले में फँस गई, तो पूरा अतड़ी फाड़ के ही बाहर निकलेगी । झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के द्वारा विधानसभा में इस तरीके से दिए गए वक्तव्य को राजनीतिक पंडित किसी सुशुप्त तुफान के रूप में देख रहे हैं ।





