लाभूक सूची में नाम दर्ज होने के बाद भी नही किया जा रहा जिओ टैग
सदर प्रखंड के ग्राम पंचायत मनिरामपुर का जहां काम कम विवाद जायदा मौजूद है,मामला खुद के विकास का।
सुदीप कुमार त्रिवेदी
किसी भी सरकार की कोई भी योजना गलत नहीं होती है, योजना के गलत होने का अधिकतर दारोमदार उस योजना को धरातल पर उतारने वाले की गलत कार्यशैली पर टिकी होती है । एक तरफ झारखंड सरकार गरीब दीन हीन के लिए आबुआ आवास योजना लाकर उनके सिर पर छत मयस्सर कराने को प्रतिबद्ध है तो वहीं दूसरी तरफ इस योजना से जुड़े लाभुकों को तरह तरह से परेशान किया जा रहा है । इसी तरह का एक और मामला सदर प्रखंड के ग्राम पंचायत मनिरामपुर से सामने आया है जिसमें उक्त योजना के लाभुकों का नाम लाभुक सूची में दर्ज होने के बाद भी उनको उनके हक से वंचित किया जा रहा है । इस मामले के विरूद्ध उक्त गाँव की निवासी उमेरा बेवा, पारविन खातुन एवं साईनारा बीबी ने पाकुड़ उपायुक्त के समक्ष लिखित शिकायत प्रस्तुत किया है । अपने संयुक्त आवेदन में तीनों आवेदिका ने कहा है कि उनके नाम आबुआ आवास योजना के लाभुक सूची में क्रमशः 09, 12 एवं 14 क्रम संख्या के रूप में दर्ज है लेकिन बाबजूद इसके पंचायत सचिव के द्वारा जिओ टैग नहीं किया जा रहा है । इस मुद्दे पर जब तीनो आवेदक ने पंचायत सचिव से बात की तो पंचायत सचिव ने सीधे तौर पर कहा कि अब किसी का भी जिओ टैग नहीं किया जा सकता है क्योकि पंचायत के मुखिया मजिबुर रहमान, आबुआ आवास को अपने बेटी दामाद, भाई भतीजा एवं अन्य रिश्तेदारों के नाम आवंटित कर चुके हैं व जिओ टैग भी करा चुके हैं । आवेदिका ने अपने पत्र में मुखिया व पंचायत सचिव पर मिलीभगत कर उक्त योजना के बंदरबाट किए जाने का आरोप लगाते हुए उपायुक्त महोदय से न्याय किए जाने की अपील की है




