शिक्षकों की बातों का गहरा प्रभाव पड़ता है बच्चों पर- जूही रानी।
स्वराज सिंह
पाकुड़/ हरिणडांगा उच्च विद्यालय सभागार में डायट के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय बस्तारहित उन्मुखीकरण कार्यशाला का समापन गुरुवार को हुआ। कार्यशाला में 64 विद्यालय के 128 शिक्षकों ने भाग लिया।
प्रशिक्षक मदन प्रसाद,तुलसी महतो एवं शीला कुमारी सोरेन पूर्व व्यावसायिक शिक्षा एवं बस्ता रहित गतिविधियों पर जानकारी दी गई। वर्ष में दस दिन बच्चों को आसपास से जुड़े व्यवसाय से संबंधित प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है ताकि बच्चों में स्वरोजगार की प्रेरणा दी जा सके।
समापन के मौके पर पहुंची क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी जूही रानी ने कहा कि बच्चे पढ़-लिखकर स्वावलंबी बन सके। बच्चों पर सबसे अधिक प्रभाव शिक्षकों की बातों का होता है। आप सभी प्रभावी तरीके से बच्चों के साथ संवाद करें ताकि बच्चों की उपस्थिति भी बढ़े। मौके पर शिक्षक दिलीप कुमार राय, कूलदीप महतो, नवीन कुमार सिंह, हुसनी मुबारक समेत अन्य शिक्षक शिक्षिकाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।






