लोकतंत्र का महापर्व चल रहा हैं और अंतिम चरण में राजमहल लोकसभा सीट पर 1 जून को मतदान होना है… ऐसे मे चुनाव से ठीक पहले पाकुड़ से आदिवासी मजदूर रोजगार की खोज में बंगाल जाने का सिलसिला रफ्तार पकड़ लिया है…चुनाव से ठीक पहले गांव से लोग पाकुड़ आकर रेल मार्ग से बंगाल रोजगार करने के लिए निकल रहे है…. करें भी तो क्या करें उनके पास गांव में कोई काम नहीं है…. मज़बूरन पेट पालने के लिए दूसरे राज्य मे पलायन करने को मज़बूर हैं…. हालांकि इन्हे चुनाव के दिन और तिथि दोनों मालूम है और कहते हैं कि चुनाव के पहले हम लोग वापस लौट आएंगे और अपना वोट भी देंगे….लेकिन सवाल यही की आखिर अब तक इन्हे अपने क्षेत्र मे मिलेगी रोजगार, कब छूटेगा पलायन






