पाकुड़िया संवाददाता गत दिनों पाकुड़िया में सड़क दुर्घटना में कालीडीह गांव की स्वास्थ्य सहिया संचिता उड़ींदा की दुमका सदर अस्पताल में मौत की पुष्टि होने के बाद सोमवार की देर शाम को जैसे ही शव पाकुड़िया पहुंचा लोगो का गुस्सा भड़क गया । शव को देखकर गुस्साए भीड़ ने संचिता को धक्का देकर भागने वाले ट्रक को अविलंब जब्त कर करवाई करने, मुवाबजा एवं आश्रित बच्चो को नौकरी देने की मांग को लेकर पाकुड़िया थाना के सामने मुख्य सड़क पर शव को रखकर सड़क को जाम कर दिया। जाम के कारण पाकुड़िया से राधानगर, एवं खकसा जानेवाली सड़क पर आवागमन अवरुद्ध हो गया। सूचना मिलने के साथ देर शाम को महेशपुर एसडीपीओ विजय कुमार पाकुड़िया जाम स्थल पहुंचे और भीड़ को काफी समझाने बुझाने के प्रयास किया,लेकिन उग्र भीड़ किसी भी तरह की समझौता को तैयार नहीं थे। प्रशासन और भीड़ के बीच लंबी वार्ता के बाद रात करीब 12 बजे दोनो पक्षों के बीच सहमती बनी।वार्ता के बीच एसडीपीओ विजय कुमार, थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह, सीआई सुभाष यादव, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ भरत भूषण भगत सहित अन्य की उपस्थित में वार्ता हुआ कि धक्का मारकर भागने वाले ट्रक के विरुद्ध 36 घंटे में करवाई,आश्रितों को सरकारी मुवावजा 2 लाख, मृतक के बच्चों को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन मिलने के बाद भीड़ ने जाम वापस लिया । इधर मृतक संचिता उड़ींदा के पति संजय उड़िंदा के शिकायत पर मंगलवार को पाकुड़िया पुलिस ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ कांड संख्या 16/24 प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई में जुट गई है।






