सड़क में अलकतरा देने में की गई घोर अनियमितता,पुछने पर जेई कर गए टाल- मटोल।
सुस्मित तिवारी
हिरणपुर (पाकुड़) बनते भी गए हम, उजड़ते भी चले गए, यही हाल है एन एच पाकुड़ – लिट्टीपाड़ा मुख्य सड़क का मरम्मती कार्य के गुणवत्ता में। आलम यह है कि हिरणपुर मुख्य बाजार के पास लिट्टीपाड़ा सड़क में हुए पिचिंग एक दिन के बाद मंगलवार रात में हुई बारिश में बह गया। जो निर्माण कार्य के नियमों को ताक पर रखकर करने को दर्शाता है। तो दूसरी ओर आधा अधूरा कार्यों की स्वीकृति भी है, ऐसा इसलिए कहां जा रहा है क्योंकि सड़क तो बन जाती है परंतु जल निकासी की समुचित व्यवस्था पर ध्यान ना ही विभाग देती है और ना ही प्राकलन देने वाले पदाधिकारी, फलस्वरुप सड़क ही नली में तब्दील हो जाता है और परिणाम एक ही बारिश में करोड़ों रुपए पर पानी में बह जाता है। जानकर बताते है कि पिचिंक करने में घोर अनियमितता बरती गई है, क्योंकि सड़क पर पडे धुल कण ढंग से हटाए नही गए, वही इमल्शन देने में भी नियमों की धज्जियां उड़ाई गई है, जानकर बताते हैं कि पिचिंग से एक दिन पहले ss1 सड़क पर दिया जाता है और पिचिंग से आधा से एक घंटा पहले आरएस 1 देना पड़ता है तब जाकर पिचिंग करना होता है,परंतु पाकुर – लिट्टीपाड़ा एनएच सड़क पर ऐसा नहीं हुआ, परिणाम पिचिंक के एक दिन बाद ही हुई बारिश में सड़क बह गई।
क्या कहते हैं विभाग के जेई
इस संबंध में पाकुड़ – लिट्टीपाड़ा एन एच सड़क कार्य को देख रहे जेई ने टाल मटोल करते हुए बताया कि ऐसा कुछ नहीं है नाला नहीं रहने और पहाड़ से आने वाले पानी के दबाव में सड़क बहा है, क्योंकि इस सड़क में वहां ज्यादा चलती है दबाव रहता है इसलिए एमल्शन का कार्य हर जगह एक दिन पहले नहीं हो पाता। इन्होंने डब्लू एम एम सड़क मे एमल्शन के प्रयोग के संबंध में बात को उलझा कर टाल गये।







