अब्दुल अंसारी
पाकुड़िया( पाकुड़) पाकुड़िया प्रखंड क्षेत्र के पशुपालकों के लिए अच्छी खबर है. अब पीपीआर रोग से उनकी भेड़ व बकरियां पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगी. ये घातक रोग है, जिसकी वजह से भेड़-बकरियों के नाक व मुंह में छाले हो जाते हैं. यह छालें फैलकर पाचन तंत्र तक फैल जाते हैं और 5 से 7 दिन के दौरान इस रोग से ग्रसित भेड़ व बकरियों की मौत तक हो जाती है. वहीं इससे बचाव के लिए ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत पलाश झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के सौजन्य से पाकुड़िया प्रखंड की आजीविका पशु सखियों द्वारा पीपीआर कंट्रोल प्रोग्राम चलाकर बकरियों का टीकाकरण किया जा रहा है. मालूम हो कि पीपीआर रोग के कारण हर वर्ष हजारों की संख्या में भेड़ व बकरियों की मौत हो रही थी लेकिन अब इस पर काफी हद तक इनकी मौतों पर अंकुश लग रहा है. भेड़-बकरियों में फैलने वाले पीपीआर रोग की रोकथाम के लिए पाकुड़िया प्रखंड की आजीविका पशु सखियां सखी मंडल से जुड़ी पशुपालकों के घर- घर जाकर टीकाकरण कर रही हैं प्रखंड भर में अब तक 148 गांव में से 60 गांव में 6352 बकरियों को पीपीआर का टीका लग चुका है और यह अभियान निरंतर जारी है






