अपने 10 सूत्री माँगों को, अनुमंडल पदाधिकारी के द्वारा पीएम को किया प्रेषित
सुदीप कुमार त्रिवेदी
आम लोगों के जीवन और आजीविका पर केंद्र की नीतियों के प्रभाव को लेकर केंद्रीय ट्रेड यूनियनो, कर्मचारियों के फेडरेशन और किसान संगठनों द्वारा स्वतंत्र रूप से की जा रही लोकतांत्रिक गतिविधियों की कड़ी में भारतीय ट्रेड यूनियन के द्वारा आज अनुमंडल पदाधिकारी के आवासीय कार्यालय के मुख्य द्वार के समक्ष देशव्यापी माँग दिवस मनाया गया एवं नुक्कड़ सभा कर अपने विचार रखे गए। इस कार्यक्रम के तहत CITU के एक शिष्टमंडल ने प्रधानमंत्री के नाम अपनी 10 सूत्री माँगों का ज्ञापन अनुमंडल पदाधिकारी को सौंपा । 10 सूत्री माँगों में क्रमशः श्रम संहिता रद्द करने, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों व सरकारी विभागों के निजीकरण को समाप्त करने, सभी श्रमिकों हेतु मूल्य सूचकांक से जुड़े 2600 रूपये प्रतिमाह न्यूनतम वेतन की घोषणा करने, बकाया भुगतान करने, ठेकेदार बदले जाने पर कामगारों की नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का पंजीकरण करने, नई पेंशन योजना समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने, आँगनबाड़ी, आशा सहिया, मध्याह्न भोजन कर्मियों को सरकारी कर्मचारी के रूप में मान्यता देने, कल्याणकोष से योगदान के साथ निर्माण श्रमिकों को इ एस आई कवरेज देने, स्वास्थ्य लाभ, मातृत्व लाभ सुनिश्चित करने, वन भूमि अधिकार और पर्यावरण की कीमत पर प्राकृतिक संसाधनों को सौंपने व मूल्य वृद्धि और बेरोजगारी को रोकने हेतु प्रभावी कदम उठाए जाने जैसी माँगें शामिल थी ।





