जेएसएलपीएस की इस पहल से पशुओं को मिलेगा संक्रामक रोग से निजात।
सुस्मित तिवारी।
हिरणपुर( पाकुड़ )मानसून के दौरान पशुओं के बीमार पड़ने का खतरा सबसे अधिक रहता है। बारिश के दिनों में कई तरह के परजीवी पैदा हो जाते हैं, जो पशुओं को अपनी चपेट में ले लेते है। जिसमे से एक है एफएमडी, पशुओं को इस बीमारी से बचाने के लिए एफएमडी का टीका लगाया जाता है ।इसके बावजूद कुछ पशु इस संक्रामक बीमारी के चपेट में आ जाते है।जिसको लेकर ग्रामीण विकास विभाग पलाश झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी की पहल से हिरणपुर प्रखंड में कार्यरत आजीविका पशुसखियां गांव स्तर पर लगातार पशु हर्बल( बोलस) बनाकर पशुपालकों को पशुओं में होने वाले एफएमडी संक्रामक रोग से निजात दिलाने के लिए गांव गांव में शिविर आयोजित कर प्रशिक्षण दे रही है। इसको लेकर शनिवार को महोरो गांव में सखी मंडल से जुड़ी महिला पशुपालकों को पशुओं में होने वाले एफएमडी रोग से बचाव हेतु हर्बल उपचार का प्रशिक्षण दिया गया साथ ही पशुपालकों को दवा बनाकर भी दिखाया गया।
प्रशिक्षण में दवा बनाने की सारी सामग्री तथा हर्बल दवा बनाने के विधि से महिला पशुपालकों को अवगत कराया गया। प्रशिक्षण में एफटीसी शंकर तिवारी, जीआरसी संजय पाल , पशुसखी लक्ष्मी देवी,मीरा देवी,फूलो देवी, मीनू हांसदा समेत कई महिला पशुपालक मोजूद रहे।
क्या किया कहते है अधिकार
वीरेंद्र कुमार डीएलएम पाकुड़ कहते हैं ये एक घातक तथा शीघ्रता से फैलने वाली छूतदार विषाणु जनित बीमारी है। इस बीमारी से विभक्त खुर वाले पशु प्रभावित होते हैं , बीमारी से पहले एफएमडी का टीका लगाया जाता है। संक्रामक की चपेट में आने वाले पशुओं को बचाव हेतु पशुसखिया लगातार हर्बल उपचार से पशुपालको को अवगत करा रही है ।ये पहल से पशुओं के लिए कारगार साबित होगा।






