पाकुड़: सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत जिले में प्रस्तावित मेधा डेयरी के नौ आधुनिक रिटेल स्टोर अब तक शुरू नहीं हो पाए हैं। तय समय सीमा—पहले 15 अगस्त और फिर राज्य स्थापना दिवस—बीत जाने के बावजूद काउंटरों का संचालन शुरू नहीं होने से स्थानीय लोगों और रोजगार की उम्मीद लगाए युवाओं में निराशा बढ़ रही है। करीब 72 लाख की लागत से तैयार किए जा रहे इन स्टोरों का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। पशुपालन पदाधिकारी अनिल सिन्हा के अनुसार, पाकुड़, अमड़ापाड़ा, पाकुड़िया और महेशपुर सहित प्रमुख स्थानों पर लगभग 8 लाख प्रति स्टोर की लागत से आधुनिक काउंटर बनकर तैयार हैं। बुनियादी ढांचा पूरी तरह खड़ा है, लेकिन विभागीय प्रक्रिया और हैंडओवर में हो रही देरी के कारण उद्घाटन अटका हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ काउंटरों का हैंडओवर हो चुका है, जबकि बाकी अंतिम चरण में हैं। इसी प्रशासनिक सुस्ती के चलते लोगों को अभी तक मेधा के ताजा उत्पाद—शक्ति स्पेशल दूध, ताजा दूध, गाय का दूध, पनीर, दही, लस्सी, फ्लेवर्ड मिल्क, घी और आइसक्रीम—नहीं मिल पा रहे हैं। नगर क्षेत्र के विवेकानंद चौक, सुभाष चौक, अटल चौक, पुराना सदर अस्पताल, मदर टेरेसा चौक और बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाकों में काउंटर बनकर पूरी तरह तैयार खड़े हैं, लेकिन ताले अब भी नहीं खुले हैं। सरकार की इस पहल का उद्देश्य डेयरी उद्योग को बढ़ावा देना और स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण व पौष्टिक दूध उपलब्ध कराना है। साथ ही, इससे बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद भी जुड़ी है। अब सवाल यही है कि प्रशासनिक प्रक्रिया कब पूरी होगी और ये काउंटर आम लोगों के लिए कब तक शुरू हो पाएंगे।






