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May 10, 2026 12:54 pm

मौसम की बेरुखी से हैरान परेशान किसान।

अब्दुल अंसारी

पाकुड़िया प्रखंड भर के किसानों को लगातार तीसरे वर्ष भी बारिश देर से होने एवं अच्छी तरह खेती लायक बारिश नहीं होने किसान चिंतित हैं।इस बार भी समय पर ढंग से मूसलाधार बारिश नहीं होने की आशंका किसानों को चिंता सता रही है। इस मानसून में रोजाना धूप एवं हल्की फुल्की बारिश होने के बाद देर शाम तक आकाश में बादल छाए रहने से किसानों में थोड़ी खुशी की देखने को मिल रही है। पर मूसलाधार बारिश नहीं होने से प्रखंड के ज्यादातर किसान चिंतित हैं। कृषि अधिकारियों का कहना है कि प्रखंड में लगभग आठ हजार हेक्टेयर में धान की खेती होती है। मानसून की बरसात विलंब से होने के कारण किसानों को थोड़ी परेशानी हुई है । लेकिन इस बार जिले में जुलाई महीना में मानसून की बारिश शुरू हुई है। हालांकि पूर्व में भी हल्की बारिश होती रही है । जिन इलाकों में थोड़ी कम बारिश हुई है, या फिर बीचड़े तैयार नहीं हैं, वहां किसान अभी इंतजार में हैं। ज्यादातर किसान धान का बिचड़ा को बहाल किए जाने को लेकर खेत की जुताई चालू कर दिया है । इस मानसून में बारिश होते ही किसान खेतों में धान का बिचड़ा बहाल करने में लग गए हैं।जानकारी के किसानों की सबसे बड़ी तकलीफ समय पर बरसात नहीं होना है। वहीं प्रकृति की इस बेरुखी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। जिस कारण किसानों का खेती से मोह भंग हो गया है किसान लोग अब खेती-किसानी छोड़कर दूसरे धंधे में अपना भविष्य तलाशने में लगे हैं। इसका मुख्य कारण समय पर बारिश नही होना है। अगर मानसून के दौरान कम बारिश होती है तो किसानों के लिए बहुत बड़ी समस्या होती है । प्रखंड के अधिकांश किसान धान की खेती पर ही निर्भर करते हैं । पिछले वर्ष किसान सुखाड़ की मार तो झेल चुके हैं। इस वर्ष का मौसम को देखकर किसान खरीफ की फसल सुखाड़ की भेंट चढ़ने की उम्मीद जता रहे है । हालांकि बीते एक सप्ताह से मौसम देखकर किसानों में कुछ मुस्कुराहट आ चुकी है।

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