Search

May 5, 2026 5:04 am

संताल परगना को केंद्रशासित प्रदेश बनाने की मांग कार्पोरेट घरानों की दीर्घकालिक योजना – सीपीएम।

सुदीप कुमार त्रिवेदी

सीपीएम का राज्य सचिवमंडल कल लोकसभा में गोड्डा के भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा संताल परगना को केंद्रशासित प्रदेश बनाने की मांग का कड़ा विरोध करता है. झारखंड को विभाजित कर संताल परगना को केंद्रशासित प्रदेश बनाने की मांग देश के कार्पोरेट घरानों की दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है. क्योंकि संताल परगना मे उपलब्ध खनिज और प्राकृतिक संसाधनों की लूट के लिए केंद्र शासित प्रदेश बड़े पूंजीपतियों के लिए आसान चारागाह हो जाएगा . सांसद निशिकांत दुबे इन्हीं पूंजीपतियों के प्रवक्ता बनकर संसद में इस प्रकार बेतुकी बात बोल रहें हैं. संताल परगना झारखंड का एक अविभाज्य हिस्सा है जहां के कुल छः जिलों में से चार जिला दुमका, साहेबगंज, पाकुड़ और जामताड़ा पुरी तरह संविधान की 5 वीं अनुसूची के अंतर्गत आता है और देवघर और गोड्डा जिला के कुछ हिस्से को छोड़कर प्रमंडल के 50 प्रखंडों में से 33 प्रखंड पुरी तरह अनुसूचित क्षेत्र में आते हैं. इसके अलावा संताल परगना में जमीन संबधी अलग कानून यानि संताल परगना काश्तकारी कानून लागू है. यह कानून इस इलाके में यहां के आदिवासियों व स्थानीय लोगों की जमीन का सुरक्षा कवच है। यह कानून कार्पोरेट घरानों के द्वारा यहां की जमीन की लूट में एक बड़ी बाधा है. केंद्रशासित प्रदेश बनने से यह सभी संवैधानिक प्रावधान केंद्र सरकार द्वारा शिथिल कर दिए जाएंगें और पूंजीपतियों द्वारा यहां के जंगल, जमीन, जल और खनिज का दोहन और तेज हो जाएगा. अभी इस क्षेत्र में कई कोयला खदानों की नीलामी हुई है. गोड्डा जिला मे गौतम अडानी के पावर प्लांट के लिए साहेबगंज जिले में बहने वाली गंगा नदी से प्रतिवर्ष 36 एमसीएम यानि 10 करोड़ लीटर जल प्रतिदिन वहां भेजा जाता है. अभी यह स्थिति है यदि यह इलाका केंद्रशासित हो जाएगा तब प्राकृतिक संपदा की लूट और आसान हो जाएगी. इसलिए कार्पोरेट घरानों के हित में आवाज उठाते हुए सांसद निशिकांत दुबे यहां की डेमोग्राफी बदल जाने और बांग्लादेशी घुसपैठियों का विभाजनकारी हौवा खड़ा कर संताल परगना को केंद्रशासित प्रदेश बनाने की वकालत कर रहें हैं. इस साजिश का डट कर विरोध होगा.

Leave a Comment

लाइव क्रिकेट स्कोर
error: Content is protected !!