पाकुड़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की हालत खराब, मध्य विद्यालय नवादा में 1660 छात्रों को 5 शिक्षकों के भरोसे छोड़ दिया गया है!
यासिर अराफ़ात
पाकुड़, झारखंड का एक अति पिछड़ा जिला, जहां शिक्षा की स्थिति बेहद चिंताजनक है। सदर प्रखंड के नवादा पंचायत स्थित मध्य विद्यालय नवादा में कुल 1660 छात्र हैं, लेकिन केवल पांच शिक्षक हैं। इन शिक्षकों को बच्चों की पढ़ाई के अलावा कई सरकारी काम भी सौंपे जाते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर गहरा असर पड़ता है।
शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव
विद्यालय में 1660 बच्चों के लिए केवल आठ क्लासरूम हैं, जो कि पर्याप्त नहीं हैं। स्कूल की इमारत भी जर्जर स्थिति में है, जिससे कभी भी हादसा हो सकता है। शिक्षकों को बच्चों की हाजिरी लेने और अन्य कामों में ही पूरा दिन व्यतीत हो जाता है, जिससे पढ़ाई पर ध्यान नहीं दिया जा सकता।
खेलकूद और अन्य गतिविधियों की कमी
गांव के बच्चों की प्रतिभा खासकर खेलकूद में मानी जाती है, लेकिन इस विद्यालय में बच्चों के बैठने की जगह तक नहीं है, तो प्लेग्राउंड की उम्मीद कैसे की जा सकती है। बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए आवश्यक सुविधाओं का अभाव है।
सरकार से अपेक्षाएं
सरकार की तरफ से अगर इस विद्यालय की तरफ जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो बच्चों का भविष्य बनने से पहले ही तबाह हो सकता है। गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए शिक्षा का बेहतर प्रबंध न कर पाना एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
सरकार को इस दिशा में त्वरित कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके और उन्हें बेहतर शिक्षा मिल सके।






