राजकुमार भगत
पाकुड़। हिरणपुर थाना प्रभारी द्वारा दलित महिला के साथ हुई मारपीट की घटना को एससी एसटी एक्ट में मामला दर्ज न किए जाने को ले कर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने गंभीरता से लिया है। आयोग की तीन सदस्यीय टीम पाकुड़ केकेएम कॉलेज मैं घटित घटना की जांच करने आई थी। इसी दौरान एक दलित महिला रोती बिलखती अपनी व्यथा को आयोग के सदस्या आशा लकड़ा के समक्ष रखी। पीड़ित महिला प्रियंका देवी ने आयोग की सदस्या को बताया कि उनके साथ पिछले 4 जुलाई को उनके गांव कदम टोला में जब वह प्रातः 8 बजे पास के दुकान से घर का राशन लेकर लौट रही थी तो रास्ते में कुछ लोग आपस में लड़ाई, झगड़ा कर रहे थे । मैंने उन्हें रास्ता छोड़ने को कहा तो राम पंडित, लखन पंडित, सुमन भंडारी, सचिन भंडारी, सोनू सोनू भंडारी, कलेश शाह ने मुझसे मारपीट की एवं जाति सूचक गाली दी। इस घटना को लेकर जब थाने में लिखित शिकायत की तो थाना प्रभारी के द्वारा उनके आवेदन को बदल दिया गया और साधारण मारपीट की घटना दर्ज कर दी गई। इस बात की जानकारी जब आयोग के सदस्या को पीड़िता ने दी तो आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि वह इस मामले को ले जिलाधिकारी से बात करेंगी। निश्चित रूप से एस सी एस टी एक्ट के तहत मामला दर्ज होगा और दोषी लोगों पर कार्रवाई होगी।





